“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
यूपी बोर्ड कक्षा 6 विज्ञान भारती 1 पाठ 10: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Q&A व क्विज़)
– अभ्यास प्रश्न –
1. निम्नलिखित में सही विकल्प छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिएः-
(क) व्यक्तिगत स्वच्छता के अन्तर्गत है-
(i) प्रतिदिन स्नान करना ✅
(ii) कूड़े का सही जगह निस्तारण करना
(iii) विद्यालय प्रांगण की सफाई करना
(iv) वृक्षारोपण करना
(ख) विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है
(i) 11 अप्रैल
(ii) 19 जून
(iii) 19 अगस्त
(iv) 19 नवम्बर ✅
(ग) आँखों की सफाई के लिए प्रयोग करना चाहिए|
(i) ठण्डा पानी ✅
(ii) काजल
(iii) गर्म पानी
(iv) इनमें से कोई
(घ) सामाजिक स्वच्छता से तात्पर्य है-
(i) आँख की स्वच्छता
(ii) नाक की स्वच्छता
(iii) त्वचा की स्वच्छता
(iv) आस-पास की स्वच्छता ✅
2. निम्नलिखित कथनों में सही के सामने सही (✅) तथा गलत के सामने गलत (❌) चिह्न लगाइएः-
उत्तर:
(क) शौचालय की साफ-सफाई, प्रतिदिन करनी चाहिए। (✅)
(ख) दाँतों की सफाई व्यक्तिगत स्वच्छता के अन्तर्गत आती है। (✅)
(ग) रात में सोने से पहले दाँतों की सफाई नहीं करनी चाहिए। (❌)
(घ) मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है। (✅)
(ङ) डेंगू चूहे के काटने से होता है। (❌)
3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिएः
उत्तर:
(क) शौच के बाद साबुन से हाथ धोना व्यक्तिगत स्वच्छता के अन्तर्गत निहित है।
(ख) कमरों की सफाई प्रतिदिन करनी चाहिए।
(ग) खेती में कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(घ) सूखा कचरा हेरे कूड़ेदान में फेंकना चाहिए।
(ङ) नीले कूड़ेदान में गीला कचरा फेंकना चाहिए।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) शौचालय की साफ-सफाई क्यों आवश्यक है?
🚽 शौचालय की साफ-सफाई क्यों आवश्यक है?
शौचालय की साफ-सफाई अत्यधिक महत्वपूर्ण है, और इसके कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
- स्वास्थ्य सुरक्षा: सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण कारण हमारा स्वास्थ्य है। गंदे शौचालय कई तरह के हानिकारक जीवाणुओं, कीटाणुओं और रोगाणुओं के पनपने का केंद्र बन जाते हैं। इनकी नियमित सफाई करके, हम हैजा, टाइफाइड, पेचिश (diarrhea), और अन्य संक्रामक बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
- बीमारी फैलाने वाले कीटों पर नियंत्रण: साफ-सफाई से मक्खी और मच्छर जैसे कीटों को उस जगह पर बैठने या प्रजनन करने का मौका नहीं मिलता, जो अक्सर गंदगी की ओर आकर्षित होते हैं। इस प्रकार, ये कीट आपके घर या आस-पास बीमारियों को फैलाने से रुक जाते हैं।
- दुर्गंध और गंदगी का फैलाव रोकना: सफाई यह सुनिश्चित करती है कि शौचालय से अप्रिय दुर्गंध और गंदगी का फैलाव बाहर के वातावरण में न हो। इससे न केवल शौचालय, बल्कि पूरे घर या परिसर का माहौल स्वच्छ और आरामदायक बना रहता है।
- सार्वजनिक स्वच्छता और शिष्टाचार: यह सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने और एक स्वस्थ समुदाय के निर्माण के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है।
संक्षेप में, शौचालय की नियमित और उचित सफाई एक स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ जीवनशैली के लिए बहुत जरूरी है, जिससे हम बीमारियों से बच सकते हैं।
(ख) घर की साफ-सफाई किस प्रकार करनी चाहिए?
उत्तर-
🏡 घर की साफ-सफाई किस प्रकार करनी चाहिए?
घर की साफ-सफाई एक व्यवस्थित तरीके से करनी चाहिए ताकि घर पूरी तरह से स्वच्छ और स्वास्थ्यकर बना रहे। यहाँ कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:
- नियमित सफाई (दैनिक कार्य):
- कमरों की रोज़ाना सफाई: सभी कमरों, खासकर जिन जगहों का इस्तेमाल ज़्यादा होता है, वहाँ की फर्श और सतहों की प्रतिदिन झाड़ू या वैक्यूम से सफाई करनी चाहिए।
- धूल हटाना: खिड़कियों, फर्नीचर, पंखों और अन्य सतहों पर जमी धूल को रोज़ाना या हर दूसरे दिन साफ कपड़े से पोंछना चाहिए।
- कूड़े का उचित निपटान:
- कूड़ेदान का उपयोग: घर से निकलने वाले हर तरह के कूड़े (कचरे) को हमेशा ढक्कन वाले कूड़ेदान में ही डालना चाहिए।
- कचरे का प्रबंधन: गीले (जैसे खाने के scraps) और सूखे (जैसे प्लास्टिक, कागज) कचरे को अलग-अलग करके रखना सबसे अच्छा है। गीले कचरे को खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट में या निर्धारित स्थान पर डालना चाहिए।
- गहरी सफाई (साप्ताहिक/मासिक कार्य):
- शौचालय और रसोई: इन जगहों की सफाई नियमित रूप से और गहराई से कीटाणुनाशक (Disinfectant) का उपयोग करके करनी चाहिए, क्योंकि ये कीटाणुओं के पनपने की मुख्य जगहें हैं।
- बिस्तर और कपड़े: बिस्तर की चादरों और पर्दों को समय-समय पर धोना चाहिए।
इन तरीकों से, हम अपने घर को न केवल साफ, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित भी बनाए रख सकते हैं।
(ग) शौच हेतु शौचालय का प्रयोग न करने पर क्या-क्या हानियाँ हो सकती हैं?
⚠️ शौच हेतु शौचालय का प्रयोग न करने पर होने वाली हानियाँ
शौच के लिए शौचालय का प्रयोग न करने से मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर हानियाँ हो सकती हैं:
- पर्यावरण प्रदूषण: खुले में शौच करने से वातावरण प्रदूषित होता है। भूमि, जल स्रोत और हवा दूषित हो जाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है।
- बीमारियों का फैलाव: यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, क्योंकि दूषित जगह पर मक्खी और मच्छर जैसे जीव पनपते हैं।
- संक्रामक रोग: ये जीव-जंतु मलेरिया, फाइलेरिया, हैजा, टाइफाइड और पेचिश (diarrhea) जैसे संक्रामक रोगों को सीधे मानव शरीर तक पहुँचाते हैं।
- स्वास्थ्य जोखिम: दूषित जल और गंदे वातावरण के संपर्क में आने से सामुदायिक स्वास्थ्य को बड़ा खतरा होता है।
संक्षेप में, यह क्रिया न केवल वातावरण को दूषित करती है, बल्कि यह सीधे रोगों के प्रसार का कारण बनकर मानव स्वास्थ्य को खतरे में डालती है।
(घ) वातावरणीय या सार्वजनिक स्वच्छता का क्या महत्व है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
🌳 वातावरणीय या सार्वजनिक स्वच्छता का महत्व और स्पष्टीकरण
वातावरणीय या सार्वजनिक स्वच्छता का अर्थ है हमारे आस-पास के सम्पूर्ण वातावरण और साझा स्थानों की सफाई। इसका महत्व नीचे स्पष्ट किया गया है:
✨ सार्वजनिक स्वच्छता क्या है?
यह मुख्य रूप से सामुदायिक स्थानों को साफ रखने से संबंधित है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित की सफाई शामिल है:
- बाहरी स्थान: सड़कें, गलियाँ, नालियाँ।
- जल स्रोत: नदियाँ, तालाब और अन्य जलाशय।
- सार्वजनिक स्थल: अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, विद्यालय, पार्क, और बाज़ार।
🛡️ इसका महत्व क्या है?
सार्वजनिक स्वच्छता का सबसे बड़ा महत्व सामुदायिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना है:
- रोग नियंत्रण: यह कूड़े और गंदगी को फैलने से रोककर, मच्छरों और कीटाणुओं के पनपने की जगह को खत्म करता है, जिससे मलेरिया, डेंगू, और हैजा जैसी बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है।
- स्वस्थ पर्यावरण: यह जल और वायु प्रदूषण को कम करता है, जिससे एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनता है।
- सामाजिक उत्थान: स्वच्छ वातावरण लोगों में सकारात्मकता और जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है, और सार्वजनिक स्थलों के उपयोग को आरामदायक बनाता है।
संक्षेप में, सार्वजनिक स्वच्छता पूरे समाज के स्वास्थ्य की रक्षा और जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
(ङ) व्यक्तिगत स्वच्छता के अन्तर्गत आप किन-किन बातों को ध्यान में रखेंगे? |
उत्तर-
🧼 व्यक्तिगत स्वच्छता के अंतर्गत ध्यान रखने योग्य बातें
व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) के अंतर्गत वे सभी दैनिक क्रियाएँ आती हैं जो शरीर को स्वच्छ और स्वस्थ रखती हैं। इनमें निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
- दैनिक शारीरिक सफाई:
- स्नान: प्रतिदिन स्नान करना।
- मुख और दंत सफाई: रोज़ाना दाँत, जीभ और चेहरे की सफाई करना।
- हाथों की स्वच्छता:
- शौच के बाद: शौच जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना।
- भोजन के समय: भोजन करने से पहले और बाद में हाथ धोना।
- कपड़े और नाखून:
- वस्त्र: हमेशा साफ और स्वच्छ कपड़े पहनना।
- नाखून: नाखूनों को नियमित रूप से साफ और काट कर रखना।
संक्षेप में, नियमित स्नान, हाथों की सही धुलाई, और शरीर के अंगों को स्वच्छ रखना व्यक्तिगत स्वच्छता के मुख्य अंग हैं।
5. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए
(क) सामाजिक स्वच्छता-
(ख) सूखा एवं गीला कचरा- शाक
(ग) कम्पोस्ट पिट
उत्तर-
(क) सामाजिक स्वच्छता-
सामाजिक स्वच्छता का सीधा अर्थ है हमारे आस-पास के वातावरण, पड़ोस और सभी साझा स्थानों की पूरी तरह सफाई।
यह केवल व्यक्तिगत सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
- सार्वजनिक स्थान: गलियों, सड़कों, नदियों, तालाबों और जलाशयों जैसे प्राकृतिक स्थानों की सफाई।
- साझा सुविधाएँ: सार्वजनिक स्थल जैसे अस्पताल, रेलवे स्टेशन, विद्यालय और पार्क की स्वच्छता बनाए रखना।
यह प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि हम न केवल स्वयं अपने परिवेश को साफ-सुथरा रखें, बल्कि यदि कोई व्यक्ति वातावरण को दूषित करता है, तो उसे शिष्टाचार से जागरूक करना भी हमारा परम कर्तव्य है। इस प्रकार, सामाजिक स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है जो एक स्वस्थ और स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
(ख) सूखा एवं गीला कचरा- शाक–
कचरे को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा जाता है, जिनका सही निपटान स्वस्थ पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है:
1. गीला कचरा (Wet Waste)
यह वह कचरा होता है जो समय के साथ सड़कर गल जाता है (बायोडिग्रेडेबल)।
- उदाहरण: रसोई से निकलने वाले अवशेष जैसे शाक-सब्जियों और फलों के छिलके, सड़ी-गली सब्जियाँ, खराब फल, फलों के रस निकालने के बाद का गूदा, और जीवों का मल-मूत्र।
- पहचान: यह कचरा खाद (कम्पोस्ट) बनाने के लिए उपयोगी होता है।
2. सूखा कचरा (Dry Waste)
यह वह कचरा होता है जो आसानी से नष्ट या सड़ता नहीं है (नॉन-बायोडिग्रेडेबल)।
- उदाहरण: पॉलीथीन, प्लास्टिक से बनी वस्तुएँ, रबर उत्पाद (जैसे टायर, टूटे खिलौने), और फाइबर/पैकेट वाले डिब्बे (जैसे बिस्कुट, नमकीन आदि खाद्य सामग्रियों के पैकेट)।
- पहचान: इस कचरे को पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए भेजा जाता है।
🚨 निपटान का नियम
सभी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:
- गीला कचरा – हरे रंग के कूड़ेदान में डाला जाए।
- सूखा कचरा – नीले रंग के कूड़ेदान में डाला जाए।
(ग) कम्पोस्ट पिट
कम्पोस्ट पिट (खाद गड्ढा) जैविक कचरे से प्राकृतिक खाद बनाने की एक सरल विधि है।
विधि संक्षेप में:
- गड्ढा खोदना: सबसे पहले किसी खुले मैदान में एक उपयुक्त आकार का गड्ढा खोदा जाता है।
- आधार बनाना: गड्ढे के तल में जल निकासी के लिए महीन कंकड़ की एक परत बिछाई जाती है।
- कचरा डालना: घर या विद्यालय से निकलने वाले गीले/जैविक कचरे (जैसे सब्जियों के छिलके, पत्तियाँ आदि) को इस गड्ढे में भरकर ढक दिया जाता है।
- नमी बनाए रखना: कचरे को सड़ने की प्रक्रिया में मदद करने के लिए, सप्ताह में एक या दो बार गड्ढे में पानी डालकर इसे नम रखा जाता है।
इस प्रक्रिया से, लगभग तीन से चार माह के भीतर कचरा विघटित होकर उत्तम जैविक खाद में बदल जाता है, जिसका उपयोग बगीचों और खेतों में किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे।
| क्रम संख्या | प्रश्न | उत्तर |
| 1 | शरीर, त्वचा, दाँत, नाखून और बालों की नियमित सफाई करना क्या कहलाता है? | व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) |
| 2 | शरीर से पसीने, धूल और कीटाणुओं को हटाने के लिए हमें प्रतिदिन क्या करना चाहिए? | स्नान (नहाना) |
| 3 | दाँतों को सड़ने से बचाने के लिए हमें दिन में कितनी बार ब्रश करना चाहिए? | दो बार (सुबह और रात में) |
| 4 | खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोना किसका मुख्य हिस्सा है? | व्यक्तिगत स्वच्छता का |
| 5 | हाथों के नाखूनों को नियमित रूप से क्यों काटना चाहिए? | ताकि उनमें गंदगी और कीटाणु न भरें |
| 6 | खांसते या छींकते समय मुँह पर रुमाल (Handkerchief) क्यों रखना चाहिए? | ताकि कीटाणु हवा में न फैलें |
| 7 | शौच (Toilet) के बाद हाथों को किससे धोना सबसे अधिक आवश्यक है? | साबुन और साफ पानी से |
| 8 | शौच के बाद हाथ साबुन से न धोने पर हमारे शरीर में क्या प्रवेश कर सकते हैं? | हानिकारक कीटाणु या जीवाणु (Bacteria) |
| 9 | खुले में शौच जाने से मुख्य रूप से कौन-सी बीमारियां फैलती हैं? | हैजा, पेचिश और डायरिया (दस्त) |
| 10 | मल में पाए जाने वाले रोगाणुओं को हमारे भोजन तक मुख्य रूप से कौन पहुँचाता है? | मक्खियाँ (Flies) |
| 11 | शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत किन बीमारियों का खतरा कम करती है? | पेट से संबंधित बीमारियों का |
| 12 | अपने आस-पड़ोस, गली, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई क्या कहलाती है? | सामाजिक स्वच्छता (Public Hygiene) |
| 13 | सड़कों, स्कूलों और पार्कों में कूड़ा हमेशा कहाँ डालना चाहिए? | कूड़ेदान (Dustbin) में |
| 14 | नालियों में प्लास्टिक की थैली या ठोस कूड़ा डालने से क्या नुकसान होता है? | नालियां जाम हो जाती हैं और पानी भर जाता है |
| 15 | रुके हुए गंदे पानी में किन हानिकारक जीवों के पनपने का खतरा सबसे अधिक होता है? | मच्छरों (Mosquitoes) का |
| 16 | डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां किस कारण फैलती हैं? | मच्छरों और आसपास की गंदगी के कारण |
| 17 | सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से कौन से रोग फैलने का डर सबसे ज्यादा रहता है? | टीबी (TB) जैसे संक्रामक रोग |
| 18 | घरों, अस्पतालों और कारखानों से निकलने वाले अनुपयोगी (बेकार) पदार्थों को क्या कहते हैं? | कचरा या अपशिष्ट (Waste) |
| 19 | जो कचरा आसानी से सड़कर मिट्टी में मिल जाता है (जैसे- सब्जी के छिलके), उसे क्या कहते हैं? | जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) कचरा |
| 20 | जो कचरा आसानी से सड़कर नष्ट नहीं होता (जैसे- प्लास्टिक, कांच), उसे क्या कहते हैं? | अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) कचरा |
| 21 | सड़ने वाले (गीले) कचरे को इकट्ठा करने के लिए किस रंग के कूड़ेदान का प्रयोग किया जाता है? | हरे कूड़ेदान (Green bin) का |
| 22 | न सड़ने वाले (सूखे) कचरे को इकट्ठा करने के लिए किस रंग के कूड़ेदान का उपयोग होता है? | नीले कूड़ेदान (Blue bin) का |
| 23 | गीले कचरे (पत्तियों, फलों के छिलकों) को गड्ढे में सड़ाकर क्या बनाया जा सकता है? | जैविक खाद (Compost) |
| 24 | प्लास्टिक, कांच और लोहे के कचरे का सही निपटान करने की विधि क्या है? | पुनर्चक्रण (Recycling) |
| 25 | पुराने मोबाइल, खराब कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक सामान को किस प्रकार का कचरा कहा जाता है? | ई-कचरा (E-waste) |
| 26 | स्वच्छ शरीर और साफ पर्यावरण का हमारे स्वास्थ्य पर कैसा प्रभाव पड़ता है? | सकारात्मक (हम निरोगी और स्वस्थ रहते हैं) |
| 27 | दूषित जल और गंदे वातावरण के कारण फैलने वाले रोगों को क्या कहते हैं? | संक्रामक रोग (Infectious diseases) |
| 28 | अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन के लिए पहली और सबसे जरूरी शर्त क्या है? | स्वच्छता (Cleanliness) |
| 29 | एक स्वच्छ और स्वस्थ छात्र का पढ़ाई व खेलकूद में प्रदर्शन कैसा होता है? | बहुत अच्छा और ऊर्जावान |
| 30 | बीमारियों पर खर्च होने वाले धन और समय को हम कैसे बचा सकते हैं? | साफ-सफाई के नियमों का पालन करके |
| 31 | खुले में शौच जाने की प्रथा को रोकने के लिए घरों में क्या बनाना सबसे आवश्यक है? | शौचालय (Toilet) |
| 32 | मानव मल-मूत्र का सही और सुरक्षित तरीके से निपटान करने का सर्वोत्तम स्थान कौन सा है? | शौचालय |
| 33 | क्या घर और स्कूल के शौचालय की नियमित सफाई करना जरूरी है? | हाँ, कीटाणुनाशक (जैसे- फिनायल) से |
| 34 | विशेषकर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए घर में किसका होना अनिवार्य है? | शौचालय का |
| 35 | विश्व शौचालय दिवस (World Toilet Day) लोगों को जागरूक करने के लिए कब मनाया जाता है? | 19 नवंबर को |
| 36 | अपने स्कूल और कक्षा को प्रतिदिन साफ रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी किसकी है? | हम सभी छात्रों और शिक्षकों की |
| 37 | पर्यावरण को शुद्ध रखने और हवा को साफ बनाने के लिए हमें आस-पास क्या लगाने चाहिए? | पेड़-पौधे (Trees) |
| 38 | बाजार से सामान लाने के लिए हमें पॉलीथीन की जगह किस थैले का उपयोग करना चाहिए? | कपड़े या जूट के थैले का |
| 39 | यदि कोई व्यक्ति सड़क या पार्क में कूड़ा फेंकता है, तो एक जिम्मेदार छात्र के रूप में हमें क्या करना चाहिए? | उसे कूड़ेदान का प्रयोग करने के लिए समझाना चाहिए |
| 40 | गड्ढों या नालियों के रुके हुए पानी में मच्छरों को मारने के लिए किसका छिड़काव करना चाहिए? | मिट्टी के तेल (Kerosene) या कीटनाशक का |
| 41 | किसी भी त्यौहार या सार्वजनिक आयोजन के बाद उस स्थान की साफ-सफाई करना किसका कर्तव्य है? | हम सभी नागरिकों का |
| 42 | कूड़े के निपटान में ‘3R’ सिद्धांत के अंतर्गत ‘Reduce’ का क्या अर्थ है? | कचरे की मात्रा को कम करना |
| 43 | पूरे भारत को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाने के लिए सरकार ने कौन सा अभियान चलाया? | स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) |
| 44 | भारत सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत किस वर्ष की गई थी? | 2 अक्टूबर 2014 में |
| 45 | यह स्वच्छता अभियान किस महान भारतीय नेता के जन्मदिवस (गांधी जयंती) पर शुरू किया गया था? | महात्मा गांधी जी के |
| 46 | ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का प्रसिद्ध नारा (Slogan) क्या है? | “एक कदम स्वच्छता की ओर” |
| 47 | स्वच्छ भारत अभियान का प्रतीक चिह्न (Logo) क्या है जो हमें स्वच्छता की याद दिलाता है? | गांधी जी का चश्मा |
| 48 | समाज के लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए छात्र स्कूल की तरफ से क्या कर सकते हैं? | जागरूकता रैलियां और प्रभात फेरी निकाल सकते हैं |
| 49 | क्या देश और आस-पास की साफ-सफाई करना केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी है? | नहीं, यह भारत के हर नागरिक का कर्तव्य है |
| 50 | कचरे से बनी उपयोगी जैविक खाद (Compost) का इस्तेमाल हम कहाँ कर सकते हैं? | स्कूल और घर के बगीचे (पेड़-पौधों) में |
| 51 | गंदे हाथों से भोजन करने पर कौन सी बीमारी हमें आसानी से कमजोर बना सकती है? | डायरिया (Diarrhea) |
| 52 | ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ के लक्ष्य को हम सभी कैसे प्राप्त कर सकते हैं? | स्वच्छता की आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर |
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यूपी बोर्ड कक्षा 6 विज्ञान भारती 1 पाठ 10: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Q&A व क्विज़)
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