“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 12 – लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु
1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटकर लिखिए-
(क) साइट्रस (नींबू जाति) फलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है-
(i) विटामिन A
(ii) विटामिन B
(iii) विटामिन C ✅
(iv) विटामिन D
(ख) मलेरिया की दवा किस पौधे से प्राप्त होती है ?
(i) नीम
(ii) सिनकोना ✅
(iii) कपास
(iv) सर्पगंधा
(ग) रेशा प्रदान करने वाला पौधा नहीं है-
(i) नीम ✅
(ii) कपास
(iii) जूट
(iv) नारियल
(घ) सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है-
(i) अनाजों में
(ii) दालों में ✅
(iii) फलों में
(iv) सब्जियों में
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
उत्तर-
(क) हरी सब्जियों से विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते हैं।
(ख) मच्छरों से डेंगू, चिकनगुनिया तथा मलेरिया रोग फैलते हैं।
(ग) शार्क मछली के यकृत से तेल निकाला जाता है।““““““““““““““““““““““““““““““““““““
(घ) मधुमक्खियों से शहद तथा मोम मिलता है।
3. निम्नलिखित कथनों में सही के सामने सही (✅) का तथा गलत के सामने गलत (❌) का चिह्न लगाइये-
(क) मादक-पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। (❌)
(ख) रेशम के कीड़े शहतूत के पेड़ पर पाले जाते हैं। (✅)
(ग) लाख, पौधे से प्राप्त होती है। (❌)
(घ) कुत्ता घर की चौकीदारी करता है। (✅)
(ङ) सभी जन्तु तथा पौधे लाभदायक होते हैं। (❌)
4. हल्दी का प्रयोग खाने में करते हैं। इसका उपयोग और कहाँ किया जाता है ?
उत्तर- हल्दी का प्रयोग खाने के अतिरिक्त औषधियों और सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में भी किया जाता है।
5. किन्हीं दो हानिकारक पौधों तथा जन्तुओं के नाम लिखिए। वे हमें किस प्रकार हानि पहुँचाते हैं?
उत्तर-
1. हानिकारक पौधे
- भांग (Cannabis): इस पौधे के कुछ हिस्सों में मादक पदार्थ पाए जाते हैं। इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है और इससे हृदय रोग, लीवर सिरोसिस, अत्यधिक मानसिक उत्तेजना और याददाश्त में कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
- कवक (Fungus): कवक से मनुष्यों में त्वचा संबंधी बीमारियाँ, जैसे दाद, खाज और गंजापन हो सकता है।
2. हानिकारक जंतु
- साँप (Snakes): कुछ साँप विषैले (जहरीले) होते हैं। यदि ये काट लें तो प्राणियों की जान भी जा सकती है।
- टिड्डी (Locusts): टिड्डियाँ लाखों की संख्या में समूह बनाकर उड़ती हैं और फसलों पर हमला करती हैं। ये थोड़े ही समय में पूरी फसल चट कर जाती हैं, जिससे गंभीर अकाल (सूखा) पड़ने की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
6. नीम अत्यधिक लाभदायक वृक्ष है। उसके विभिन्न भागों के क्या उपयोग हैं ? लिखिए।
उत्तर-
🌱 नीम के विभिन्न भागों के औषधीय उपयोग
नीम एक अत्यंत उपयोगी वृक्ष है, जिसमें एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं। इसके विभिन्न भागों का उपयोग आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है:
2. विशिष्ट भागों के उपयोग
| नीम का भाग | विशिष्ट लाभ और रोगोपचार |
| पत्तियाँ | * हल्दी के साथ लेप बनाकर दाद, एक्जिमा (खुजली) जैसे सभी प्रकार के चर्म रोगों का इलाज। * मलेरिया के उपचार में सहायक। * रक्त शोधन में प्रमुख भूमिका। |
| बीज और तेल | * कुष्ठ रोग (Leprosy) के उपचार के लिए। * पेट के कीड़ों को खत्म करने में प्रभावी। * मलेरिया के उपचार में सहायक। |
| छाल (Bark) | * पेट और आँतों में होने वाले अल्सर (घाव) के इलाज के लिए। * त्वचा रोगों, दर्द और बुखार में उपयोगी। |
| फल और फूल | * पित्त को कम करने और कफ के उपचार में सहायक। * बवासीर, मूत्र विकार, नाक से खून बहना, नेत्र रोग (आँखों की बीमारी) और घावों के इलाज में इस्तेमाल। |
7. रेशम के कीड़े से रेशम कैसे प्राप्त किया जाता है?
उत्तर-
रेशम के कीड़े से रेशम प्राप्त करने की प्रक्रिया को रेशम कीट पालन (Sericulture) कहते हैं। यह प्रक्रिया मुख्यतः तीन चरणों में पूरी होती है:
1. कोकून का निर्माण (Cocoon Formation)
- रेशम का कीट (शहतूत के पत्तों पर पलने वाला लार्वा) अपने जीवन चक्र की तीसरी अवस्था में खुद को सुरक्षित करने के लिए अपने चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है, जिसे कोकून कहते हैं।
- कीट इस कोकून को बनाने के लिए अपने मुँह से लगातार एक चिपचिपा प्रोटीनयुक्त तरल पदार्थ निकालता है, जो हवा के संपर्क में आकर रेशम के महीन धागे के रूप में जम जाता है।
- एक कोकून लगभग 1000 से 3000 फीट लंबा धागा रखता है।
2. कोकून को उबालना (Boiling of Cocoons)
- रेशम के धागे को अलग करने से पहले, कोकूनों को गर्म पानी या भाप में उबाला जाता है।
3. रीलिंग (Reeling/Reeling of Silk)
- कई कोकूनों के धागों को एक साथ मिलाकर एक मजबूत धागा बनाया जाता है और इसे विशेष मशीनों पर लपेट लिया (Reeled) जाता है।
8. किन्ही पाँच लाभदायक पौधों तथा जंतुओं के नाम लिखिए तथा बताइए कि वे हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी हैं।
उत्तर-
🌿 लाभदायक पौधे और उनसे प्राप्त उत्पाद
पाँच मुख्य लाभदायक पौधे और उनसे मिलने वाले उत्पाद इस प्रकार हैं:
| पौधा (Plant) | प्राप्त उत्पाद (Product) |
| आम | फल |
| कपास | रेशे (जैसे सूती कपड़ा बनाने के लिए) |
| नीम | औषधियाँ और दवाइयाँ |
| तुलसी | औषधियाँ और दवाइयाँ |
| सागौन | इमारती लकड़ी (फर्नीचर आदि बनाने के लिए) |
🐄 लाभदायक जन्तु और उनसे प्राप्त उत्पाद
पाँच मुख्य लाभदायक जंतु और उनसे मिलने वाले उत्पाद इस प्रकार हैं:
| जन्तु (Animal) | प्राप्त उत्पाद (Product) |
| गाय | दूध |
| भैंस | मांस |
| बकरी | मांस |
| मधुमक्खी | शहद (Honey) |
| रेशम का कीड़ा | रेशम (वस्त्र बनाने के लिए) |
9. जन्तु हमारे लिए लाभदायक हैं। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर-
🐾 जंतुओं का हमारे जीवन में महत्व (लाभदायक जन्तु)
जंतु हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभदायक हैं। वे हमारे जीवन की लगभग हर ज़रूरत पूरी करते हैं, चाहे वह भोजन हो, वस्त्र हो या काम-काज।
जंतुओं से हमें प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. खाद्य पदार्थ (भोजन)
- दूध: गाय, भैंस और बकरी से हमें दूध मिलता है।
- मांस: भेड़, बकरी और मुर्गे से मांस प्राप्त होता है।
- अंडे: मुर्गे और बतख से अंडे मिलते हैं।
- शहद और मोम: मधुमक्खी के छत्तों से शहद (खाने के लिए) और मोम मिलता है।
- मछलियाँ: जलीय जीवों में मछलियों से भी खाद्य पदार्थ मिलता है।
2. वस्त्र और अन्य सामग्री
- रेशम का कीड़ा: इससे वस्त्र बनाने के लिए रेशा प्राप्त होता है।
- लाख कीट: इससे मिलने वाली लाख से चूड़ियाँ, बटन और खिलौने जैसी अनेक वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
3. कृषि और परिवहन (काम-काज)
- सवारी और ढुलाई: बैल, घोड़ा, गधा, खच्चर, हाथी और ऊँट का उपयोग सामान की ढुलाई करने और सवारी के लिए किया जाता है।
4. सुरक्षा
- कुत्ता: यह हमारे घर और देश की सुरक्षा करने में सहायता करता है।
निष्कर्ष: इस प्रकार, जंतु हमारे जीवन के हर क्षेत्र में किसी न किसी तरह से हमारी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, इसलिए वे हमारे लिए अत्यंत लाभदायक हैं।
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 12 – लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु
COMING SOON
प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
