“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 20 – वायु
1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटकर अभ्यास पुस्तिका में लिखिये:
(क) दहन में सहायता करने वाली गैस है-
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) ऑक्सीजन ✅
(स) ऑर्गन
(द) नाइट्रोजन
(ख) निम्नलिखित में कौन सी अक्रिय गैस नहीं है-
(अ) ऑर्गन
(ब) नियॉन
(स) हाइड्रोजन ✅
(द) क्रिप्टन
(ग) अग्निशामक यंत्र में से कौन सी गैस निकलती है-
(अ) हीलियम
(ब) कार्बन डाइऑक्साइड ✅
(स) ऑक्सीजन
(द) नाइट्रोजन
(घ) सामान्यतः वायु के किस घटक की मात्रा परिवर्तनीय है-
(अ) जलवाष्प ✅
(ब) कार्बन डाइऑक्साइड
(स) नाइट्रोजन
(द) ऑक्सीजन
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करिए-
उत्तर-
(क) वायुमण्डल में 21% ऑक्सीजन गैस है।
(ख) वायु का आवरण जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरती है वायुमंडल कहलाती है।
(ग) सोडा वाटर की बोतल खोलने से कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस के बुलबुले निकलते दिखाई देते हैं।
(घ) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते हैं।
3. सही कथन के आगे सही (✅) तथा गलत कथन के आगे गलत (❌) का चिह्न लगाइए-
उत्तर-
(क) वायु मानव क्रियाओं द्वारा प्रदूषित होती है। (✅)
(ख) वायुमंडल में 21% नाइट्रोजन उपस्थित है। (❌)
(ग) गर्मी के मौसम में वर्षा की अपेक्षा कम आर्द्रता उपस्थित होती है। (✅)
(घ) नाइट्रोजन उर्वरक बनाने में प्रयुक्त होता है। (✅)
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) कैसे सिद्ध करेंगे कि वायु में जलवाष्प उपस्थित है।
ज़रूर, इस सामान्य अवलोकन को एक वैज्ञानिक क्रियाकलाप के रूप में स्पष्ट और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया गया है:
🧊 जलवाष्प की उपस्थिति का प्रमाण
यह क्रियाकलाप सिद्ध करता है कि हमारी वायुमंडल में अदृश्य रूप में जलवाष्प (Water Vapour) उपस्थित होती है।
🔬 क्रियाकलाप
- सामग्री: एक साफ गिलास, पानी और बर्फ के टुकड़े।
- विधि: गर्मियों के दिन में, एक साफ गिलास में सामान्य पानी के साथ कुछ बर्फ के टुकड़े (Ice Cubes) डालें।
- प्रेक्षण: गिलास को थोड़ी देर (लगभग 5-10 मिनट) के लिए यूँ ही छोड़ दें। आप देखेंगे कि गिलास की बाहरी सतह (Outer Surface) पर पानी की छोटी-छोटी बूँदें एकत्रित हो गई हैं।
💡 वैज्ञानिक स्पष्टीकरण (संघनन)
- ठंडी सतह: गिलास के अंदर बर्फ होने के कारण, गिलास की बाहरी सतह अत्यधिक ठंडी हो जाती है।
- जलवाष्प का संपर्क: जब वायुमंडल में उपस्थित गर्म जलवाष्प (जो गैसीय अवस्था में है) इस ठंडी सतह के संपर्क में आती है, तो वह ठंडी होकर अपनी गैसीय अवस्था से द्रव अवस्था (Liquid State) में बदल जाती है।
- संघनन (Condensation): जलवाष्प का द्रव अवस्था में बदलना ही संघनन कहलाता है, और ये बूँदें संघनित जल होती हैं।
✅ निष्कर्ष
यह सिद्ध करता है कि गिलास के बाहर दिखाई देने वाली बूँदें गिलास के अंदर रखे पानी से नहीं आती हैं, बल्कि वायु में उपस्थित जलवाष्प से ही आती हैं। अतः, यह प्रयोग वायु में जलवाष्प की उपस्थिति को प्रमाणित करता है।
(ख) दो गैस जारों में से एक में ऑक्सीजन और एक में कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है। कैसे पता लगाएँगे कि किस जार में कौन सी गैस है ?
उत्तर-
दो गैस जारों में से एक में ऑक्सीजन और दूसरे में कार्बन डाइऑक्साइड होने का पता लगाने के लिए आप जलने की प्रक्रिया (Combustion) का उपयोग कर सकते हैं।
🔥 ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड की पहचान
🔬 क्रियाकलाप (Testing Method)
- जलती हुई तीली/मोमबत्ती का उपयोग करें: एक जलती हुई माचिस की तीली या मोमबत्ती लें।
- प्रत्येक जार में डालें: बारी-बारी से इस जलती हुई तीली को दोनों गैस जारों के मुँह के पास या अंदर ले जाएँ।
🔍 प्रेक्षण एवं निष्कर्ष (Observation and Conclusion)
| जार संख्या | प्रेक्षण (Observation) | निष्कर्ष (Conclusion) |
| जार 1 | जलती हुई तीली और तेज़ी से जलने लगती है या चमकने लगती है। | जार में ऑक्सीजन ($\text{O}_2$) गैस है, क्योंकि यह दहन में सहायक है। |
| जार 2 | जलती हुई तीली तुरंत बुझ जाती है। | जार में कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) गैस है, क्योंकि यह दहन को रोकती है। |
इस प्रकार, दहन के प्रति गैसों की प्रतिक्रिया देखकर आप आसानी से दोनों जारों में उपस्थित गैस की पहचान कर सकते हैं।
(ग) अग्निशामक यंत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाकर इसके कार्य करने की विधि समझाइए।

🔥 अग्निशामक यंत्र के कार्य करने की विधि
यह एक प्रकार का अग्निशामक यंत्र है जो आग बुझाने के लिए मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड ( CO2) गैस का उपयोग करता है।
🛠️ संरचना
इस अग्निशामक यंत्र में दो मुख्य भाग होते हैं:
- बाहरी कक्ष (Outer Chamber): यह धातु का बना एक बेलनाकार बर्तन होता है, जिसके अंदर सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3 ) का विलयन भरा होता है।
- आंतरिक शीशी (Inner Bottle): इस बाहरी बर्तन के अंदर एक छोटी, अलग बेलनाकार शीशी होती है, जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) भरा होता है।
⚙️ कार्य करने की विधि
- उपयोग का तरीका: जब आग लगती है, तो इस उपकरण को उल्टा करके ज़मीन पर ज़ोर से पटका जाता है।
- रासायनिक अभिक्रिया: पटकने से अंदर रखी सल्फ्यूरिक अम्ल वाली छोटी शीशी टूट जाती है। शीशी के टूटने पर, सल्फ्यूरिक अम्ल तुरंत बाहरी कक्ष में रखे सोडियम बाइकार्बोनेट विलयन के साथ क्रिया करता है:
- गैस का निर्माण: इस तीव्र रासायनिक अभिक्रिया के परिणामस्वरूप, बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस उत्पन्न होती है।
- आग बुझाना: यह गैस बहुत दबाव के साथ हॉज़ पाइप के माध्यम से बाहर निकलती है और जलने वाली वस्तु पर छिड़की जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन (Oxygen) से भारी होने के कारण, जलने वाली सामग्री को एक परत की तरह ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है, जिससे आग तुरंत बुझ जाती है।
(घ) वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर-
🌍 वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से पर्यावरण पर प्रभाव
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस की मात्रा लगातार बढ़ रही है। CO2 एक ग्रीनहाउस गैस है, जिसका मुख्य कार्य पृथ्वी के चारों ओर एक गर्म कंबल जैसा आवरण बनाना है।
🌡️ प्रभाव
- तापमान में वृद्धि: कार्बन डाइऑक्साइड सूर्य की ऊष्मा (गर्मी) को पृथ्वी से टकराने के बाद वापस अंतरिक्ष में जाने से रोकती है। इस ऊष्मा के पृथ्वी के वायुमंडल में रुकने के कारण, पृथ्वी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है (Global Warming)।
- ध्रुवीय क्षेत्रों पर खतरा: इस बढ़ती गर्मी के परिणामस्वरूप, भविष्य में ध्रुवीय क्षेत्रों (Polar Regions) और ग्लेशियरों की बर्फ पिघलने का गंभीर खतरा है। बर्फ पिघलने से समुद्र का जल स्तर बढ़ेगा।
- मानवीय जीवन पर विपरीत प्रभाव: तापमान में यह वृद्धि मानवीय जीवन पर सीधा और विपरीत प्रभाव डाल रही है। इससे मौसम के पैटर्न में बदलाव, अत्यधिक गर्मी, सूखा, बाढ़ और कृषि पर नकारात्मक असर जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
संक्षेप में, CO2 की अधिकता पृथ्वी को गर्म कर रही है, जो हमारे पर्यावरण और हमारे भविष्य दोनों के लिए एक बड़ा खतरा है।
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 20 – वायु
COMING SOON
प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
