“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 18 – स्थिर विद्युत
1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प को छाँटकर लिखिए-
(क) निम्नलिखित में किसे घर्षण द्वारा आसानी से आवेशित नहीं किया जा सकता है-
(अ) काँच की छड़
(ब) एबोनाइट की छड़
(स) गुब्बारा
(द) लकड़ी का टुकड़ा ✅
(ख) ऐबोनाइट की छड़ को फलालेन से रगड़ने पर-
(अ) ऐबोनाइट पर धन आवेश तथा फलालेन पर ऋण आवेश उत्पन्न होता है।
(ब) ऐबोनाइट पर ऋण आवेश तथा फलालेन पर धन आवेश उत्पन्न होता है।✅
(स) ऐबोनाइट व फलालेन दोनों पर धन आवेश उत्पन्न होता है।
(द) ऐबोनाइट व फलालेन दोनों पर ऋण आवेश उत्पन्न होता है।
(ग) समान प्रकार के आवेशों के बीच होता है-
(अ) आकर्षण बल
(ब) प्रतिकर्षण बल ✅
(स) आकर्षण बल तथा प्रतिकर्षण बल दोनों
(द) न तो आकर्षण बल और न ही प्रतिकर्षण बल
(घ) आवेश कितने प्रकार के होते हैं-
(अ) एक
(ब) दो ✅
(स) तीन
(द) चार
(ङ) तड़ित चालक बनाया जाता है।
(अ) काँच
(ब) रबर
(स) ताँबा ✅
(द) स्टील
2. निम्नलिखित प्रश्नों में दिये गये शब्दों की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
(प्रतिकर्षण, तड़ित, ऋणात्मक, धनात्मक, विद्युत धारा).
उत्तर-
(क) ऐबोनाइट की छड़ को फलालेन से रगड़ने पर फलालेन पर धनात्मक आवेश उत्पन्न होता है।
(ख) काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर रेशम पर ऋणात्मक आवेश उत्पन्न होता है।
(ग) वस्तुओं के आवेशित होने का निश्चित प्रमाण प्रतिकर्षण है।
(घ) आवेशों के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं।
(ङ) भवनों को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए तड़ित चालक का उपयोग करते हैं।
3. निम्नलिखित कथनों में सही कथन के सामने सही (✅) तथा गलत कथन के सामने गलत (❌) का चिह्न लगाइये-
उत्तर –
(क) घर्षण द्वारा वस्तुओं को आकर्षित नहीं किया जा सकता। (❌)
(ख) कंघे को सूखे बालों पर रगड़ने पर वह कागज के टुकड़ों को आकर्षित करता है। (✅)
(ग) विपरीत प्रकार के विद्युत आवेशों में आकर्षण होता है। (✅)
(घ) तड़ित आघात से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। (❌)
4. स्तम्भ (क) के कथनों को स्तम्भ (ख) के कथनों से सुमेलित कीजिए-
उत्तर-

5. आवेशित वस्तुओं में कब आकर्षण और प्रतिकर्षण होता है?
आवेशित वस्तुओं के बीच आकर्षण (Attraction) और प्रतिकर्षण (Repulsion) का होना उनके आवेशों के प्रकार (Type of Charges) पर निर्भर करता है।
⚡️ आवेशित वस्तुओं में आकर्षण और प्रतिकर्षण
आकर्षण और प्रतिकर्षण का मूल नियम स्थिरवैद्युतिकी (Electrostatics) में बहुत सरल है:
1. आकर्षण (Attraction) – विपरीत आवेश
आवेशित वस्तुओं के बीच आकर्षण तब होता है जब उनके आवेश विपरीत प्रकार के होते हैं।
- समान आवेश (Unlike Charges) एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- उदाहरण: धनावेशित वस्तु (+) और ऋणावेशित वस्तु (-) एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
2. प्रतिकर्षण (Repulsion) – समान आवेश
आवेशित वस्तुओं के बीच प्रतिकर्षण तब होता है जब उनके आवेश समान प्रकार के होते हैं।
- समान आवेश (Like Charges) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
- उदाहरण: दो धनावेशित वस्तुएँ (+ और +) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं।
- उदाहरण: दो ऋणावेशित वस्तुएँ ( – और -) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं।
6. विद्युत चालक व विद्युतरोधी पदार्थों का परीक्षण करने की प्रयोग विधि लिखिए।
उत्तर-
🔬 विद्युतदर्शी द्वारा चालक और विद्युतरोधी पदार्थों की पहचान
हम दो विद्युतदर्शी (A और B) का उपयोग करके यह पता लगा सकते हैं कि कोई पदार्थ विद्युत का चालक (Conductor) है या विद्युतरोधी (Insulator)।
चरण 1: विद्युतदर्शी को आवेशित करना
- दो विद्युतदर्शी (A और B) को पास-पास रखें।
- एबोनाइट की आवेशित छड़ को विद्युतदर्शी A की चकती (Disc) से स्पर्श कराएँ।
- परिणाम: विद्युतदर्शी A की पत्तियाँ आवेशित होते ही फैल (Diverge) जाएँगी। (इससे पता चलता है कि विद्युतदर्शी A आवेशित हो चुका है।)
- विद्युतदर्शी B अभी भी अनावेशित है, इसलिए इसकी पत्तियाँ बंद रहेंगी।
चरण 2: प्रयोग 1 – धातु के तार (चालक) के साथ
- एक धातु का तार (जैसे लोहा, ताँबा या ऐलूमीनियम) लें।
- इस तार में थर्मोकोल का एक टुकड़ा लगाएँ ताकि थर्मोकोल विद्युतरोधी हत्थे (Insulating Handle) की तरह काम करे।
- थर्मोकोल पट्टी को पकड़कर, तार को इस प्रकार रखें कि वह दोनों विद्युतदर्शियों (A और B) की चकतियों को एक साथ स्पर्श करे।
| परिणाम (Result) | कारण (Reason) |
| विद्युतदर्शी B की पत्तियाँ भी फैल जाती हैं। | आवेश का प्रवाह: आवेशित विद्युतदर्शी A में से कुछ आवेश तार से होता हुआ अनावेशित विद्युतदर्शी B में प्रवाहित हो जाता है। |
| निष्कर्ष: | चूँकि धातु का तार विद्युत आवेश को अपने में से प्रवाहित होने देता है, अतः यह तार विद्युत का चालक (Conductor) है। |
चरण 3: प्रयोग 2 – विद्युतरोधी पदार्थ के साथ
- अब धातु के तार के स्थान पर प्लास्टिक, रबर, लकड़ी या थर्मोकोल जैसी कोई पट्टी लें।
- इसे दोनों विद्युतदर्शियों (A और B) की चकतियों को स्पर्श कराएँ।
| परिणाम (Result) | कारण (Reason) |
| विद्युतदर्शी B की पत्तियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। | आवेश का अवरोध: प्लास्टिक या रबर जैसे पदार्थ अपने में से विद्युत आवेश को प्रवाहित नहीं होने देते हैं। |
| निष्कर्ष: | चूँकि यह पदार्थ आवेश को प्रवाहित नहीं होने देता, अतः यह विद्युतरोधी (Insulator) है। |
परिभाषाएँ
- विद्युत चालक (Conductors): वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत आवेश प्रवाहित होता है, विद्युत चालक कहलाते हैं। (जैसे: धातुएँ, मानव शरीर)
- विद्युतरोधी (Insulators): वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत आवेश प्रवाहित नहीं होता है, विद्युतरोधी कहलाते हैं। (जैसे: प्लास्टिक, रबर, सूखा लकड़ी)
8. स्थिर विद्युत प्रेरण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
💡 स्थिर विद्युत प्रेरण (Electrostatic Induction) वह घटना है जिसमें किसी अनावेशित (Neutral) चालक को किसी आवेशित वस्तु के पास लाने पर, चालक के पास वाले सिरे पर विपरीत आवेश और दूर वाले सिरे पर समान आवेश उत्पन्न हो जाता है।
यह प्रक्रिया बिना किसी भौतिक संपर्क (physical contact) के होती है।
संक्षेप में परिभाषा:
स्थिर विद्युत प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक आवेशित वस्तु, बिना संपर्क किए, किसी चालक में विपरीत प्रकृति के आवेश को प्रेरित (Induce) कर देती है।
9. तड़ित से होने वाली हानियाँ व लाभ लिखिए।
उत्तर-
तड़ित (आकाशीय बिजली) एक शक्तिशाली प्राकृतिक घटना है जिससे जहाँ एक ओर गंभीर हानियाँ होती हैं, वहीं दूसरी ओर इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ भी हैं।
🌩️ तड़ित से होने वाली हानियाँ (Dangers of Lightning)
तड़ित से होने वाली हानियाँ मुख्यतः इसके अत्यधिक उच्च तापमान और विद्युत धारा के कारण होती हैं:
- जन-हानि: तड़ित आघात (Lightning strike) मानवों और पशुओं के लिए घातक होता है, जिससे गंभीर जलन या तत्काल मृत्यु हो सकती है।
- संपत्ति की हानि:
- आग लगना: तड़ित के कारण लकड़ी के ढाँचों, भवनों, जंगलों और पेड़ों में भयंकर आग लग सकती है।
- विद्युत उपकरणों का क्षय: घरों या कार्यालयों में लगे टीवी, रेफ्रिजरेटर, कंप्यूटर जैसे विद्युत उपकरण जल सकते हैं या स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
- संरचनात्मक क्षति: यह घरों, पुलों और अन्य संरचनाओं में भौतिक क्षति पहुँचा सकती है, खासकर यदि उन पर तड़ित चालक (Lightning rod) स्थापित न हो।
🌿 तड़ित से होने वाले लाभ (Benefits of Lightning)
तड़ित से होने वाले लाभ मुख्य रूप से वायुमंडल में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से संबंधित हैं:
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation):
- तड़ित की अत्यधिक ऊष्मा (लगभग 30,000oC) वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन (N2) और ऑक्सीजन (O2) को प्रतिक्रिया करने के लिए प्रेरित करती है।
- इस प्रतिक्रिया से नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनते हैं, जो वर्षा जल में घुलकर पृथ्वी पर आते हैं।
- यह नाइट्रेट के रूप में मिट्टी में मिलकर पौधों के लिए प्राकृतिक उर्वरक का काम करता है, जो कृषि और प्राकृतिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- ओजोन निर्माण (Ozone Formation): तड़ित से उत्पन्न उच्च ऊर्जा वायुमंडल में ऑक्सीजन अणुओं को ओजोन (O3) में परिवर्तित कर सकती है, जो पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से बचाने में मदद करती है।
- प्राकृतिक सफाई: यह वायुमंडल को कुछ हद तक साफ करने में भी भूमिका निभाता है।
10. एक क्रियाकलाप द्वारा स्पष्ट करिये कि रगड़ने से वस्तुएँ आवेशित हो जाती हैं।
उत्तर-
🎈 क्रियाकलाप: रगड़ने से वस्तुओं का आवेशित होना
आवश्यक सामग्री (Materials Needed)
- एक प्लास्टिक का कंघा (Plastic Comb) या एबोनाइट की छड़।
- कागज के छोटे-छोटे टुकड़े (Small bits of paper)।
- सूखे बाल (Dry Hair) या ऊनी कपड़ा (Woolen Cloth)।
विधि (Procedure)
- प्रारंभिक चरण: कागज के छोटे टुकड़ों को मेज पर फैला दें। कंघे को इन टुकड़ों के पास ले जाएँ और ध्यान दें कि क्या होता है।
- प्रेक्षण 1: कंघा इन टुकड़ों को आकर्षित नहीं करता है। (अर्थात् कंघा अनावेशित है।)
- घर्षण द्वारा आवेशित करना: कंघे को अपने सूखे बालों से (या ऊनी कपड़े से) तेजी से रगड़ें (Rub) और ऐसा कम से कम 10-15 सेकंड तक करें।
- परीक्षण चरण: अब, तुरंत इस रगड़े हुए कंघे को कागज के टुकड़ों के पास लाएँ, लेकिन उन्हें स्पर्श न कराएँ।
निष्कर्ष (Conclusion)
- प्रेक्षण 2: आप देखेंगे कि कंघा कागज के छोटे टुकड़ों को अपनी ओर खींचता (आकर्षित करता) है और कुछ टुकड़े कंघे से चिपक जाते हैं।
स्पष्टीकरण:
- घर्षण का प्रभाव: जब कंघे को सूखे बालों से रगड़ा जाता है, तो घर्षण के कारण इलेक्ट्रॉन (Electrons) एक वस्तु से दूसरी वस्तु पर स्थानांतरित हो जाते हैं। कंघा रगड़ने पर इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणावेशित हो जाता है।
- आकर्षण का कारण: यह आवेशित कंघा कागज के अनावेशित टुकड़ों में विपरीत आवेश (धनावेश) को प्रेरित (Induce) करता है (स्थिर विद्युत प्रेरण)। विपरीत आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, जिससे कागज के टुकड़े कंघे की ओर खिंच जाते हैं।
यह क्रियाकलाप स्पष्ट करता है कि घर्षण बल का उपयोग करके वस्तुओं को विद्युत आवेशित किया जा सकता है।
10. आकाशीय बिजली से बचने के लिए इमारतों मे क्या प्रबंध किया जाता है ?
आकाशीय बिजली (तड़ित) से इमारतों की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रबंध तड़ित चालक (Lightning Conductor/Lightning Rod) स्थापित करना है।
🛡️ तड़ित चालक की व्यवस्था (Arrangement of a Lightning Conductor)
तड़ित चालक एक युक्ति है जो इमारतों को आकाशीय बिजली के घातक प्रभाव से बचाती है। इसकी व्यवस्था इस प्रकार की जाती है:
- संरचना: यह एक लंबी, मोटी और नुकीली नोक वाली धातु की छड़ (आमतौर पर ताँबा) होती है।
- स्थापना:
- छड़ का एक सिरा भवन के सबसे ऊँचे भाग पर, हवा में, सीधा लगाया जाता है।
- छड़ का दूसरा सिरा एक मोटे धातु के तार (जिसे अर्थिंग तार कहते हैं) से जुड़ा होता है, जो नीचे आता है और जमीन के अंदर गहराई में दबाई गई ताँबे की प्लेट से जुड़ा होता है।
- इस प्लेट को नमी वाली मिट्टी या कोयले/नमक के मिश्रण में दबाया जाता है ताकि धरती से अच्छा संपर्क (अर्थिंग) बना रहे।
- कार्यप्रणाली:
- जब तड़ित झंझा (Thunderstorm) के दौरान कोई आवेशित बादल इमारत के ऊपर आता है, तो नुकीले सिरे पर स्थिर विद्युत प्रेरण के कारण विपरीत आवेश प्रेरित होता है।
- तड़ित चालक का नुकीला सिरा वायुमंडल में आवेश को धीरे-धीरे क्षरित (Discharge) करता रहता है, जिससे बिजली गिरने की संभावना कम हो जाती है।
- यदि बिजली गिरती भी है, तो तड़ित चालक उस अत्यधिक शक्तिशाली विद्युत आवेश को सबसे कम प्रतिरोध के मार्ग से (यानी छड़ और तार से होकर) सुरक्षित रूप से जमीन के अंदर पहुँचा देता है।
- इससे इमारत की संरचना, अंदर के निवासियों और विद्युत उपकरणों को क्षति पहुँचने से बचाया जा सकता है।
इस व्यवस्था के कारण, तड़ित द्वारा उत्पन्न होने वाला विशाल विद्युत आवेश इमारत से दूर होकर सीधे पृथ्वी में विसर्जित हो जाता है।
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 18 – स्थिर विद्युत
COMING SOON
प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
