“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 17 – बल एवं यंत्र
1. सही विकल्प को छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए-
(क) आम का पेड़ से नीचे गिरना उदाहरण है-
(अ) पेशीय बल
(ब) चुम्बकीय बल
(स) गुरुत्व बल ✅
(द) घर्षण बल
(ख) निम्नलिखित में से कौन सा घर्षण बल का उदाहरण नहीं है-
(अ) जंगलों में आग लगना
(ब) मशीनों में कलपुर्जा का घिसना
(स) जूतों का घिसना
(द) कुएँ से पानी खींचना ✅
(ग) प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में-
(अ) आयास और भार के मध्य आलम्ब होता है। ✅
(ब) आलम्ब और आयास के मध्य भार होता है।
(स) आलम्ब और भार के मध्य आयास होता है।
(द) आवास और भार नहीं होते हैं।
(घ) सरल मशीनें होती है-
(अ) तीन प्रकार की
(ब) चार प्रकार की
(स) पाँच प्रकार की ✅
(द) दो प्रकार की
(ङ) घर्षण बल निर्भर करता है-
(अ) सतह की प्रकृति पर
(ब) क्षेत्रफल पर
(स) आपतन पर
(द) उपर्युक्त सभी पर ✅
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
उत्तर-
(क) पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु पर लगाये गये बल को गुरूत्व बले कहते हैं।
(ख) सम्पर्क सतहों, तलों के बीच लगने वाला बल घर्षण बल है।
(ग) लोहे की कीलें चुंबकीय बल के कारण चुम्बक पर चिपकती हैं।
(घ) सरौता द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है।
(ङ) घिरनी बल की मात्रा में परिवर्तन कर देती है।
3. स्तम्भ क में दिए गये शब्दों का मिलान स्तम्भ ख के शब्दों से करके अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखें-
उत्तर-

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
(क) बल कितने प्रकार के होते हैं ? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
💡 बल के प्रकार और उदाहरण
बल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. सम्पर्क बल (Contact Force)
परिभाषा: ऐसे बल जो तभी कार्य करते हैं जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे के भौतिक संपर्क में हों।
उदाहरण:
- टूथपेस्ट निकालना: जब हम टूथपेस्ट की ट्यूब को दबाते हैं, तो हमारे हाथ और ट्यूब के बीच सीधा संपर्क होता है, जिससे टूथपेस्ट बाहर निकलता है। इसलिए, यह एक सम्पर्क बल का उदाहरण है (पेशीय बल)।
2. असम्पर्क बल (Non-Contact Force)
परिभाषा: ऐसे बल जो दो वस्तुओं के बीच कार्य करते हैं, भले ही वे एक-दूसरे के संपर्क में न हों या उनके बीच कोई दूरी हो।
उदाहरण:
- चुंबकीय सुई में विक्षेप: जब कोई चुम्बक, किसी चुंबकीय सुई के पास लाई जाती है, तो सुई की दिशा बदल जाती है या उसमें विक्षेप उत्पन्न होता है। यह विक्षेप बिना सुई को छुए होता है, क्योंकि सुई पर चुंबकीय बल कार्य कर रहा होता है। इसलिए, यह असम्पर्क बल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
(ख) दैनिक जीवन में घर्षण बल का क्या महत्व है ?
घर्षण बल हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कई आवश्यक गतिविधियों को संभव बनाता है।
🏃 दैनिक जीवन में घर्षण बल का महत्व
घर्षण बल के कुछ मुख्य महत्व निम्नलिखित हैं:
- चलना और दौड़ना: घर्षण बल हमें जमीन पर चलने या दौड़ने में मदद करता है। यदि घर्षण न हो, तो हमारे पैर फिसल जाएँगे (जैसे केले के छिलके पर या बर्फ़ पर)।
- लिखना: घर्षण बल के कारण ही हम पेंसिल या पेन से कागज पर लिख पाते हैं। पेंसिल की नोक और कागज के बीच घर्षण से ही सामग्री कागज पर जमा होती है।
- पकड़ना (Grip): किसी वस्तु को पकड़ना घर्षण के कारण ही संभव होता है। उदाहरण के लिए, एक गिलास, कप, या हथौड़ी को कसकर पकड़ने के लिए घर्षण आवश्यक है।
- वाहनों की गति:
- टायरों और सड़क के बीच का घर्षण बल वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति देता है।
- यह बल वाहन को सुरक्षित रूप से मोड़ने (Turning) और रुकने (Braking) में भी मदद करता है, अन्यथा वे फिसल जाएँगे।
- वस्तुओं को स्थिर रखना: घर्षण बल फर्नीचर, कालीन, या किसी भी वस्तु को उनके स्थान पर स्थिर रखने में मदद करता है, जिससे वे आसानी से खिसकते नहीं हैं।
- माचिस जलाना: माचिस की तीली को माचिस की डिब्बी पर रगड़कर आग जलाना घर्षण बल का ही उपयोग है, जो ऊष्मा उत्पन्न करता है।
संक्षेप में, घर्षण बल एक आवश्यक बुराई है; यह कुछ मामलों में ऊर्जा की हानि करता है, लेकिन अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यों को संभव बनाने और सुरक्षित रूप से करने के लिए यह अपरिहार्य है।
(ग) सरल मशीन किसे कहते हैं ?
उतर-
सरल मशीन (Simple Machine):
ऐसे साधन (उपकरण) जो बल की दिशा या परिमाण को बदलकर, किसी भी कार्य को सरलता, सुविधा और तेजी से (या कम प्रयास से) करने में सहायक होते हैं, सरल मशीन कहलाते हैं।इन्हें यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage) प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
(घ) झाड़ू, सरौता और कैंची किस प्रकार के उत्तोलक हैं और क्यों ?
उत्तर-
ये तीनों उपकरण उत्तोलक (Lever) के अलग-अलग प्रकारों के उदाहरण हैं। उत्तोलक की श्रेणी का निर्धारण आलम्ब (Fulcrum – F), भार (Load – L), और आयास (Effort – E) की सापेक्ष स्थिति से होता है।
1. कैंची (Scissors) – प्रथम श्रेणी का उत्तोलक (First Class Lever)
कैंची प्रथम श्रेणी का उत्तोलक है, क्योंकि इसमें:
आलम्ब (F) भार (L) आयास (E)
- आलम्ब (F): कैंची के बीच का वह बिंदु जहाँ दोनों ब्लेड एक-दूसरे से जुड़े होते हैं (Pivot point)।
- आयास (E): वह बल जो आप हैंडल पर लगाते हैं (आपकी उंगलियाँ)।
- भार (L): वह वस्तु जिसे काटा जा रहा है।
स्थिति: आलम्ब (F) भार (L) और आयास (E) के बीच में होता है। (L-F-E या E-F-L क्रम)
2. सरौता (Nutcracker) – द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक (Second Class Lever)
सरौता द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है, क्योंकि इसमें:
आलम्ब (F) भार (L) आयास (E)
- आलम्ब (F): सरौते का सिरा जहाँ दोनों भुजाएँ जुड़ी होती हैं।
- भार (L): वह वस्तु जिसे तोड़ा जा रहा है (जैसे सुपारी या नट), जो बीच में रखी जाती है।
- आयास (E): वह बल जो आप हैंडल के सिरे पर लगाते हैं।
स्थिति: भार (L) आलम्ब (F) और आयास (E) के बीच में होता है। (F-L-E क्रम)
3. झाड़ू (Broom) – तृतीय श्रेणी का उत्तोलक (Third Class Lever)
झाड़ू तृतीय श्रेणी का उत्तोलक है, क्योंकि इसमें:
आलम्ब (F) आयास (E) भार (L)
- आलम्ब (F): आपका वह हाथ जो झाड़ू के सिरे (ऊपरी भाग) को पकड़कर स्थिर रखता है।
- आयास (E): आपका वह दूसरा हाथ जो झाड़ू के बीच में बल लगाकर झाड़ू को घुमाता है।
- भार (L): झाड़ू का निचला सिरा, जो फर्श से घर्षण बल पर काबू पाता है।
स्थिति: आयास (E) आलम्ब (F) और भार (L) के बीच में होता है। (F-E-L क्रम)
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे।
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 17 – बल एवं यंत्र
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