“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 14 – ध्वनि
1. सही विकल्प का चयन कीजिए-
(क) निम्नलिखित में किसे ध्वनि का तारत्व अधिकतम है-
(अ) शेर की दहाड़
(ब) नदी का कलकल
(स) मेघ गर्जन
(द) मच्छरों की भिनभिनाहट ✅
(ख) SI पद्धति में आवृत्ति का मात्रक है-
(अ) सेकण्ड
(ब) हर्ट्ज ✅
(स) किलोग्राम
(द) मीटर
(ग) 20 हर्ट्ज आवृत्ति से कम आवृत्ति की उत्पन्न ध्वनि कहलाती है-
(अ) श्रव्य
(ब) कर्कश
(स) अपश्रव्य ✅
(द) पराश्रवय
(घ) ढोलक में ध्वनि उत्पन्न होती है-
(अ) रगड़ने से
(ब) खींचने से
(स) फेंक मारने से
(द) आघात से ✅
(ङ) ध्वनि की चाल सबसे अधिक होती है-
(अ) ठोस ✅
(ब) गैस
(स) द्रव
(द) निर्वात
2. स्तम्भ क के कथनों का स्तम्भ ख के कथनों से मिलान करके सही जोड़े बनाइए –

3. निम्नलिखित कथनों में सही कथन के सामने सही (✅) तथा गलत कथन के सामने गलत (❌) का चिन्ह लगाइए-
उत्तर-
(क) ध्वनि का वेग प्रकाश के वेग से अधिक होता है। (❌)
(ख) उच्च तारत्व वाली ध्वनि का आवृत्ति अधिक होता है। (✅)
(ग) एक हर्ट्ज का अर्थ एक कम्पन प्रति सेकण्ड है। (✅)
(घ) वीणा में कर्कश ध्वनि उत्पन्न होती है। (❌)
(ङ) ताप बदलने से ध्वनि की चाल बदल जाती है। (✅)
4. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
उत्तर-
(क) कम्पन करती हुई वस्तु का अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है।
(ख) ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
(ग) कम्पन करने वाली वस्तु द्वारा एक कम्पन में लगे समय को उसका आवर्तकाल कहते हैं।
(घ) ध्वनि की चाल गैस में न्यूनतम होती है।
(ङ) किसी माध्यम में निश्चित ताप पर ध्वनि की चाल परावर्तित होती है।
5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) प्रतिध्वनि को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
📢 प्रतिध्वनि (Echo)
जब आप किसी पहाड़ी के पास, किसी बड़े खाली हॉल, या किसी कठोर सतह के सामने ज़ोर से चिल्लाते हैं, तो आपको वही ध्वनि थोड़ी देर बाद दोबारा सुनाई देती है।
इसी दोबारा सुनाई देने वाली ध्वनि को प्रतिध्वनि (Echo) कहते हैं।
यह घटना ध्वनि के परावर्तन (Reflection of Sound) के कारण होती है—अर्थात् जब आपकी मूल ध्वनि किसी कठोर सतह से टकराकर वापस लौटती है।
(ख) तारत्व की परिभाषा लिखिए। मोटी तथा पतली ध्वनि के कारण का अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
🎶 तारत्व (Pitch)
तारत्व ध्वनि का वह गुण है जिसके द्वारा हमारा कान यह पहचानता है कि कोई आवाज़ मोटी (ग्रेव) है या पतली (शार्प)।
- निर्भरता: तारत्व पूरी तरह से ध्वनि की आवृत्ति (Frequency) पर निर्भर करता है।
- उच्च आवृत्ति – उच्च तारत्व – पतली आवाज़ (जैसे मच्छर का भिनभिनाना या महिला की आवाज़)।
- निम्न आवृत्ति – निम्न तारत्व – मोटी आवाज़ (जैसे शेर का दहाड़ना या पुरुष की आवाज़)।
उदाहरण: बिल्ली की आवाज़ की आवृत्ति (और इसलिए तारत्व) कुत्ते के भौंकने की आवृत्ति से अधिक होती है, इसीलिए बिल्ली की आवाज़ पतली होती है, जबकि कुत्ते की आवाज़ मोटी होती है।
(ग) ध्वनि प्रदूषण के कारण तथा उनके निवारण लिखिए।
उत्तर-
📢 ध्वनि प्रदूषण: कारण और निवारण
ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) वातावरण में अत्यधिक या अवांछित ध्वनियों (शोर) की उपस्थिति को कहते हैं, जो मनुष्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक होती है।
1. ध्वनि प्रदूषण के मुख्य कारण
ध्वनि प्रदूषण के लिए निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं:
- परिवहन (Vehicles): वाहनों की तीव्र ध्वनियाँ (हॉर्न और इंजन का शोर)।
- विस्फोटक (Explosives): पटाखों और अन्य विस्फोटकों से उत्पन्न होने वाली तेज़ आवाजें।
- औद्योगिक गतिविधियाँ (Industries): कारखानों और मशीनों से निकलने वाला शोर।
- मनोरंजन/सामाजिक: लाउडस्पीकर (Loudspeakers), डीजे और तेज संगीत का उपयोग।
2. ध्वनि प्रदूषण के निवारण (रोकथाम के उपाय)
ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- वाहनों का रखरखाव: वाहनों का उचित रखरखाव (Proper Maintenance) सुनिश्चित करना, ताकि इंजन और साइलेंसर का शोर कम हो सके।
- शोर कम करने वाले उपकरण: वाहनों में कम तीव्रता वाले पेटीनुमा विस्तारकों (Silencers/Mufflers) का उपयोग करना।
- कानूनी नियंत्रण: आवासीय क्षेत्रों और अस्पतालों के पास लाउडस्पीकरों और हॉर्न के उपयोग पर कानूनी प्रतिबंध लगाना।
- पौधारोपण (Afforestation): सड़कों और रिहायशी इलाकों के किनारे पेड़ लगाना, क्योंकि पेड़ ध्वनि को अवशोषित करने में सहायक होते हैं।
- कारखानों का विस्थापन: शोर पैदा करने वाले उद्योगों को रिहायशी इलाकों से दूर स्थापित करना।
(घ) स्पष्ट कीजिए कि ध्वनि किस प्रकार उत्पन्न होती है।
उत्तर-🔊 ध्वनि की उत्पत्ति
ध्वनि (Sound) हमेशा कंपन (Vibration) के कारण उत्पन्न होती है।
- जब कोई वस्तु हिलती है या तेज़ी से आगे-पीछे गति करती है (यानी कंपन करती है), तो यह अपने आस-पास की वायु (Air) या माध्यम के कणों को भी कंपित करने लगती है।
- यह कंपन एक लहर (Wave) के रूप में माध्यम में आगे बढ़ता है, और जब यह लहर हमारे कान के पर्दे (Ear Drum) तक पहुँचती है, तो हमें ध्वनि सुनाई देती है।
संक्षेप में: ध्वनि = कंपन
कंपन का अनुभव
कुछ स्थितियों में, कंपन को आसानी से देखा जा सकता है, लेकिन अधिकतर स्थितियों में हम कंपन को देख नहीं पाते, बल्कि केवल अनुभव कर सकते हैं।
उदाहरण:
- जब स्कूल की घंटी बजती है, तो आप घंटी को छूकर उसके कंपन का अनुभव कर सकते हैं।
- जब आप गिटार का तार खींचते हैं, तो तार का कंपन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और इसी से ध्वनि उत्पन्न होती है।
6. निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए-
(क) तीन कम्पन करती वस्तुओं A, B, C की आवृत्ति क्रमशः 256 हर्ट्ज, 512 हर्ट्ज, 1024 हर्ट्ज है, उनके तारत्व को घटते क्रम में लिखिए।
उत्तर-
📉 तारत्व का घटता क्रम
तारत्व (Pitch) ध्वनि का वह गुण है जो उसकी आवृत्ति (Frequency) पर निर्भर करता है। उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व उच्च होता है, और निम्न आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व निम्न होता है।
चूँकि आपको तारत्व को घटते क्रम में लिखना है, इसका अर्थ है कि आपको वस्तुओं को उनकी आवृत्ति के घटते क्रम में व्यवस्थित करना होगा।
दी गई आवृत्तियाँ:
- वस्तु A: 256 Hz
- वस्तु B: 512Hz
- वस्तु C: 1024 Hz
| क्रम संख्या | वस्तु | आवृत्ति (Hz) | तारत्व |
| 1 | C | 1024 | सबसे उच्च |
| 2 | B | 512 | मध्यम |
| 3 | A | 256 | सबसे निम्न |
अतः, उनके तारत्व का घटता क्रम है:
C > B > A
(ख) दो व्यक्ति A तथा B एक ऊँची इमारत के सामने ध्वनि उत्पन्न करते हैं तथा दोनों क्रमशः एक परावर्तन तथा दस परावर्तन के पश्चात ध्वनि को सुनते हैं तो इसमें कौन सी ध्वनि प्रतिध्वनि तथा कौन सी ध्वनि पूँज होगी।
उत्तर-
- व्यक्ति A की ध्वनि: यह ध्वनि प्रतिध्वनि (Echo) होगी।
- कारण: प्रतिध्वनि में, मूल ध्वनि का परावर्तन एक बार होता है। इस एक परावर्तन के कारण, ध्वनि श्रोता तक इतनी देरी से पहुँचती है कि वह मूल ध्वनि से अलग और स्पष्ट सुनाई देती है।
- व्यक्ति B की ध्वनि: यह ध्वनि पूँज (Reverberation) होगी।
- कारण: पूँज तब उत्पन्न होती है जब ध्वनि का परावर्तन एक बड़े हॉल या कमरे में बार-बार (एक से अधिक बार, यहाँ 10 बार) और बहुत तेज़ी से होता है। इस स्थिति में, परावर्तित ध्वनियाँ मूल ध्वनि के साथ इतनी जल्दी-जल्दी मिलती हैं कि वे एक गूँज (Prolonged Sound) पैदा करती हैं, जो मूल ध्वनि के बंद होने के बाद भी थोड़ी देर तक बनी रहती है।
संक्षेप में:
- एक परावर्तन – प्रतिध्वनि (स्पष्ट अलग ध्वनि)
- दस परावर्तन – पूँज (गूँजती हुई, अस्पष्ट ध्वनि)
7. हमें बाँसुरी और कोयल की कुहूक जैसी आवाजें कर्णप्रिय लगती हैं परन्तु लाउडस्पीकर की तीव्र आवाज कर्ण प्रिय नहीं लगती है। ऐसा क्यों ?
उत्तर-
👂 कर्णप्रिय ध्वनि
बाँसुरी और कोयल की कुहूक से उत्पन्न होने वाली ध्वनि को संगीत (Musical Sound) कहा जाता है।
- नियमितता: यह ध्वनि नियमित कंपन के कारण उत्पन्न होती है, जिसकी आवृत्ति (Frequency) और आयाम (Amplitude) में एक निश्चित पैटर्न होता है।
- गुणवत्ता: संगीत की ध्वनि मधुर होती है, कान को अच्छी लगती है, और श्रोता को सुखद अनुभव देती है।
🔊 अप्रिय ध्वनि
लाउडस्पीकर की तीव्र आवाज़ (विशेषकर यदि वह विकृत हो) को शोर (Noise) कहा जाता है।
- अनियमितता: यह ध्वनि अनियमित कंपन के कारण उत्पन्न होती है। इसमें कंपन की आवृत्ति और आयाम में कोई निश्चित पैटर्न नहीं होता है।
- तीव्रता: लाउडस्पीकर की अत्यधिक तीव्रता (Loudness), विशेष रूप से जब वह ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करती है, कानों को चुभती है और असुविधा पैदा करती है।
- प्रभाव: यह ध्वनि कर्णप्रिय नहीं होती और लंबे समय तक सुनने पर तनाव और स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकती है।
संक्षेप में, नियमित, मधुर ध्वनि (संगीत) सुखद लगती है, जबकि अनियमित, ऊँची और कर्कश ध्वनि (शोर) अप्रिय लगती है।
8. सुस्वर तथा शोर मे अन्तर लिखिए ।
उत्तर-
🎶 सुस्वर और कर्कश ध्वनि
ध्वनियाँ मुख्य रूप से कंपनों की प्रकृति के आधार पर दो तरह की होती हैं, जो हमें पसंद या नापसंद होती हैं:
1. सुस्वर (संगीत/Musical Sound)
- उत्पत्ति: यह नियमित और आवर्ती (Regular and Periodic) कंपनों से उत्पन्न होती है।
- प्रभाव: यह हमारे कानों पर मधुर और सुखद प्रभाव डालती है, इसलिए हमें कर्णप्रिय लगती है।
- उदाहरण: कोयल की कुहूक।
2. कर्कश ध्वनि (शोर/Noise)
- उत्पत्ति: यह अनियमित और अनावर्ती (Irregular and Non-periodic) कंपनों से उत्पन्न होती है।
- प्रभाव: लाउडस्पीकर के तेज बजने जैसी यह ध्वनि कर्कश होती है और हमें अप्रिय लगती है।
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 14 – ध्वनि
COMING SOON
प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
