“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 14 – प्रकाश
1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटिए –
(क) वे पदार्थ जिनसे प्रकाश आंशिक रूप से निर्गत होता है, कहलाते हैं-
(i) प्रदीप्त
(ii) पारदर्शक
(iii) अपारदर्शक
(iv) पारभासी ✅
(ख) किस प्रकाश स्रोत से उपछाया नहीं बनती
(i) बिन्दु प्रकाश स्रोत ✅
(ii) सूर्य
(iii) सभी प्रकाश स्रोत
(iv) उपर्युक्त में से कोई नहीं
(ग) जब पृथ्वी की उपछाया से होकर चन्द्रमा गुरता है तब होता है-
(i) पूर्ण चन्द्र ग्रहण
(ii) सूर्य ग्रहण
(iii) खण्ड चन्द्र ग्रहण ✅
(iv) खण्ड सूर्य ग्रहण
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
उत्तर:
(क) सूर्य और तारे प्राकृतिक प्रकाश स्रोत है, जबकि जलती हुयी मोमबत्ती और विद्युत बल्व मानव निर्मित स्रोत है।
(ख) दीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती है जबकि अदीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करती हैं।
(ग) सूर्य ग्रहण दिखायी देता है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य आ जाता है।
(घ) चन्द्र ग्रहण की घटना पूर्णिमा के दिन होती है।
(ङ) निर्यात में प्रकाश की चाल 3 लाख किमी/सेकेण्ड होती है।
3. निम्नलिखित में स्तम्भ ‘क’ के कथनों का मिलान स्तम्भ ‘ख’ के कथनों से कीजिए।
उत्तर-

4. प्रकाश स्रोत किसे कहते हैं? दो प्राकृतिक तथा दो मानव निर्मित प्रकाश स्रोतों के नाम लिखिए तथा उनकी विशेषतायें बताइये।
उत्तर-
प्रकाश स्रोत वह वस्तु या पदार्थ है जो प्रकाश उत्पन्न करता है।
प्राकृतिक प्रकाश स्रोत:
- सूर्य – सूर्य प्रकाश और ऊष्मा का मुख्य स्रोत है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक है।
- जुगनू – यह एक कीट है जो रासायनिक प्रक्रिया (बायोल्यूमिनेसेंस) से प्रकाश उत्पन्न करता है।
मानव निर्मित प्रकाश स्रोत:
- विद्युत बल्ब – विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित करता है, आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
- मोमबत्ती – मोम और बत्ती के जलने से प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न होती है, बिजली न होने पर उपयोगी होती है।
5. अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से दीप्त तथा अदीप्त वस्तुओं को छाँटकर लिखिए।
उत्तर-
| क्र.सं. | 💡 दीप्त वस्तुएँ (प्रकाश उत्पन्न करती हैं) | 🌑 अदीप्त वस्तुएँ (प्रकाश उत्पन्न नहीं करतीं) |
| 1 | विद्युत बल्ब | किताब |
| 2 | ट्यूब लाइट | कुर्सी |
| 3 | मोमबत्ती | दीवार |
| 4 | टीवी स्क्रीन | टेबल |
| 5 | स्मार्टफोन की स्क्रीन | दरवाज़ा |
| 6 | सड़क की लाइट | कप |
| 7 | टॉर्च | पेन |
| 8 | एलईडी लैम्प | पौधे के पत्ते |
| 9 | गैस स्टोव की लौ | खिड़की का शीशा |
| 10 | दिवाली के दीये | कपड़े |
6. पारदर्शी, पारभाषी तथा अपारदर्शी वस्तुओं की परिभाषा लिखिए। अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से पारदर्शी, पारभाषी एवं अपारदर्शी वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
🔍 पारदर्शी, पारभाषी और अपारदर्शी वस्तुओं की परिभाषा
वस्तुओं को प्रकाश के अपने में से गुज़रने देने की क्षमता के आधार पर इन तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
| प्रकार | परिभाषा |
| 1. पारदर्शी (Transparent) | वे वस्तुएँ जो प्रकाश को अपने में से पूरी तरह से गुज़रने देती हैं। हम इनके आर-पार स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। |
| 2. पारभाषी (Translucent) | वे वस्तुएँ जो प्रकाश के कुछ अंश को ही अपने में से गुज़रने देती हैं। इनके आर-पार देखने पर वस्तुएँ धुंधली या अस्पष्ट दिखाई देती हैं। |
| 3. अपारदर्शी (Opaque) | वे वस्तुएँ जो प्रकाश को बिल्कुल भी अपने में से गुज़रने नहीं देती हैं। हम इनके आर-पार बिल्कुल नहीं देख सकते हैं, और ये अपनी छाया (shadow) बनाती हैं। |
🌎 आस-पास की वस्तुओं के उदाहरण
आस-पास आसानी से दिखाई पड़ने वाली पारदर्शी, पारभाषी और अपारदर्शी वस्तुओं की सूची है:
| 💎 पारदर्शी वस्तुएँ (Transparent Objects) | ☁️ पारभाषी वस्तुएँ (Translucent Objects) | 🧱 अपारदर्शी वस्तुएँ (Opaque Objects) |
| साफ़ पानी | तेल लगा कागज़ (Greasy Paper) | दीवार (Wall) |
| साफ़ हवा (Air) | घिसा हुआ काँच (Frosted/Ground Glass) | किताब (Book) |
| साफ़ काँच या शीशा (Clear Glass) | बटर पेपर (Butter Paper) | लकड़ी का दरवाज़ा (Wooden Door) |
| कुछ प्लास्टिक शीट (जैसे: चश्मे का लेंस) | धुएँ का गाढ़ा बादल (Thick Smoke) | ईंट (Brick) |
| सेलोटेप (Cellotape) | कुछ पतले कपड़े या टिश्यू पेपर | धातु की प्लेट (Metal Plate) |
7. किसी प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि प्रकाश किरणें सरल रेखा में गति करती हैं।
🕯️ प्रयोग: प्रकाश का सरल रेखीय संचरण
1. आवश्यक सामग्री
- एक मोमबत्ती या कोई अन्य प्रकाश स्रोत।
- तीन कार्डबोर्ड शीट या मोटी कागज़ की शीटें (A, B, और C)।
- एक पिन या नुकीली चीज़।
- एक मेज़।
2. प्रयोग विधि
- छेद बनाना: तीनों कार्डबोर्ड शीटों (A, B, और C) के ठीक बीच में एक छोटा, समान आकार का छेद बनाइए।
- व्यवस्थित करना: मेज़ पर मोमबत्ती को जलाकर एक सिरे पर रखिए। अब तीनों कार्डबोर्ड शीट्स को मोमबत्ती से कुछ दूरी पर एक-दूसरे के समानांतर (Parallel) सीधी रेखा में खड़ा कीजिए, जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया है।
- संरेखण: सुनिश्चित कीजिए कि तीनों कार्डबोर्ड के छेद और मोमबत्ती की लौ (Flame) ठीक एक ही सीधी रेखा में हों।
- पहला अवलोकन: कार्डबोर्ड C के पीछे से झाँककर मोमबत्ती की लौ को देखिए।
- दूसरा अवलोकन: अब कार्डबोर्ड B को अपनी जगह से थोड़ा सा हटा दीजिए ताकि उसके छेद का संरेखण (Alignment) टूट जाए।
- तीसरा अवलोकन: कार्डबोर्ड C के पीछे से फिर से मोमबत्ती की लौ को देखिए।
3. अवलोकन और निष्कर्ष
| चरण | क्रिया | अवलोकन | निष्कर्ष |
| 1 | जब तीनों छेद एक सीधी रेखा में होते हैं। | मोमबत्ती की लौ साफ़ दिखाई देती है। | प्रकाश सीधी रेखा में गति करता है, इसलिए यह छेदों से गुज़रकर आँख तक पहुँचता है। |
| 2 | जब मध्य वाले कार्डबोर्ड (B) को हटाकर संरेखण तोड़ा जाता है। | मोमबत्ती की लौ बिल्कुल दिखाई नहीं देती है। | प्रकाश का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, क्योंकि प्रकाश सीधी रेखा से मुड़कर टेढ़े-मेढ़े रास्ते से नहीं जा सकता। |
4. परिणाम
यह प्रयोग स्पष्ट रूप से सिद्ध करता है कि प्रकाश हमेशा एक सरल (सीधी) रेखा में गति करता है। यदि प्रकाश का मार्ग टेढ़ा-मेढ़ा होता, तो कार्डबोर्ड B को हटाने पर भी लौ दिखाई देनी चाहिए थी, जो कि नहीं होता है।
8. छाया, प्रच्छाया तथा उपछाया से क्या समझते हैं? प्रयोग द्वारा इनमें अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
छाया, प्रच्छाया तथा उपछाया:
| शब्द | परिभाषा | विशेषता |
|---|---|---|
| छाया | प्रकाश स्रोत के सामने अपारदर्शी वस्तु रखने पर वस्तु के पीछे का वह भाग जहाँ प्रकाश नहीं पहुँचता, छाया कहलाता है2-7,6। | पूर्ण अंधेरा, स्पष्ट किनारे, वस्तु की आकृति के अनुसार बनती है। |
| प्रच्छाया | वह क्षेत्र जहाँ प्रकाश पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो जाता है, प्रच्छाया कहलाता है4-3। | पूर्ण छाया, कोई प्रकाश नहीं पहुँचता, स्पष्ट और गहरा होता है। |
| उपछाया | वह क्षेत्र जहाँ प्रकाश स्रोत आंशिक रूप से ढका होता है, उपछाया कहलाता है6-1। | आंशिक प्रकाश, धुंधला किनारा, प्रच्छाया और प्रकाशित क्षेत्र के बीच का भाग। |
प्रयोग द्वारा अंतर स्पष्ट करना:
- एक टॉर्च को जलाकर एक अपारदर्शी वस्तु (जैसे गेंद) के सामने रखें।
- दीवार पर देखें:
- मध्य में पूर्ण अंधेरा वाला भाग प्रच्छाया है।
- इसके चारों ओर धुंधला भाग उपछाया है।
- बाकी प्रकाशित भाग छाया नहीं है।
इससे स्पष्ट होता है कि प्रच्छाया पूर्ण अंधेरा होती है, उपछाया आंशिक प्रकाश वाली होती है, और छाया सामान्य रूप से वस्तु की आकृति के अनुसार बनती है।
9. सूर्य ग्रहण कब और चन्द्रग्रहण कब और कैसे लगता है? चित्र खींचकर समझाइये।
उत्तर-
☀️ सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse)
कब होता है?
सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या (New Moon) के दिन होता है।
कैसे लगता है?
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के ठीक बीच में आ जाता है।
विन्यास:– सूर्य → चंद्रमा → पृथ्वी
- इस स्थिति में, चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है।
- पृथ्वी पर उस छाया वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए, चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है, जिससे सूर्य दिखाई नहीं देता।
- यह घटनाएँ प्रकाश के सरल रेखीय संचरण (Rectilinear Propagation of Light) और छाया के बनने (Formation of Shadows) के सिद्धांत पर आधारित हैं।
| प्रकार | स्थिति | परिणाम |
| पूर्ण सूर्य ग्रहण | जब आप चंद्रमा की प्रच्छाया (Umbra) में होते हैं। | सूर्य पूरी तरह से ढक जाता है। |
| आंशिक सूर्य ग्रहण | जब आप चंद्रमा की उपछाया (Penumbra) में होते हैं। | सूर्य का कुछ ही भाग ढका हुआ दिखाई देता है। |
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे।
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 14 – प्रकाश
COMING SOON
प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
