“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है; शिक्षा ही जीवन है।” ~ जॉन डेवी
– अभ्यास प्रश्न –
इकाई 13 – भोजन, स्वास्थ्य व रोग
1. निम्नलिखित में सही विकल्प छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए-
(क) राइजोपस है-
(अ) कवक ✅
(ब) जीवाणु
(स) विषाणु
(द) उपरोक्त सभी
(ख) इनमें से संचारी रोग है-
(अ) हैजा ✅
(ब) कैंसर
(स) जोड़ों में दर्द
(द) डायबिटीज
(ग) विषाणु जनित रोग हैं-
(अ) चेचक ✅
(ब) पेचिस
(स) प्लेग
(द) डिफ्थीरियां
(घ) प्लेग रोग फैलता है-
(अ) वेरियोला वायरस से
(ब) विब्रियो कॉलेरी जीवाणु से
(स) बैसिली जीवाणु से
(द) इनमें से कोई नहीं ✅
2. निम्नलिखित कथनों में सही के सामने सही (✅) तथा गलत के सामने गलत (❌) का चिह्न लगाइए-
उत्तर-
(क) डिब्बा बंद भोज्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए। (✅)
(ख) प्लेग संक्रामक रोग नहीं है। (❌)
(ग) पाश्चरीकरण एक परिरक्षण विधि है। (✅)
(घ) असंचारी रोग वायु द्वारा फैलते हैं। (❌)
(ङ) दाद कवक के कारण होता है। (✅)
3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
उत्तर-
(क) डायरिया को अतिसार भी कहते हैं।
(ख) म्यूकर एक कवक है।
(ग) फिनाइल, डी.डी.टी, क्लोरीन कीटनाशक पदार्थ हैं।
(घ) विब्रियो कॉलेरी एक जीवाणु है।
(ङ) कैंसर असंचारी रोग है।
4. सही मिलान कीजिए-

5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) परिरक्षण क्या है ?
परिरक्षण (Preservation)
परिरक्षण वह प्रक्रिया है जिसमें भोजन (खाद्य पदार्थों) को लंबे समय तक ख़राब होने से बचाने और ताज़ा रखने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जाते हैं।
यह भोजन को वातावरण में मौजूद सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया और फंगस) के संक्रमण और हमले से बचाकर उसे सुरक्षित रखने का काम करता है।
(ख) भोजन को सड़ाने एवं खराब करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
🗑️ भोजन को खराब (सड़ाने) वाले कारक
भोजन को सड़ाने और खराब करने के लिए मुख्य रूप से सूक्ष्मजीव (Microorganisms) और कुछ जंतु जिम्मेदार होते हैं:
1. भोजन को सड़ाने वाले कारक (सूक्ष्मजीव (Microorganisms))
| कारक | कैसे खराब करते हैं? | स्वास्थ्य पर प्रभाव |
| जीवाणु (Bacteria) | ये हर जगह मौजूद होते हैं और भोजन को दूषित करते हैं। | दूषित भोजन खाने से निमोनिया, हैजा, पेचिस, पेट दर्द और उल्टी जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। |
| कवक या फफूंद (Fungus) | नम स्थानों पर रखे भोजन (जैसे रोटी, अचार, फल, सब्जी) पर सफ़ेद बालों जैसी संरचनाएँ बना लेते हैं और उसे नष्ट कर देते हैं (जैसे राइजोपस, म्यूकर)। | स्वास्थ्य के लिए हानिकारक। |
| यीस्ट (Yeast) | यीस्ट के कारण भोजन में खट्टापन आ जाता है। | भोजन का स्वाद और गुणवत्ता खराब होती है। |
2. भोजन को खराब करने वाले कारक (कीट व चूहे)
| कारक | कैसे खराब करते हैं? |
| घुन (Weevils) | लंबे समय तक बंद रखे अनाजों (जैसे गेहूँ, चना, मटर) में लगकर उन्हें नष्ट कर देते हैं। |
| चूहे (Rodents) | अनाज और भंडारित खाद्य पदार्थों को कुतर कर और दूषित करके नष्ट करते हैं। |
| कीट-पतंगे | सब्जियों और अन्य खुले खाद्य पदार्थों को खाकर या दूषित करके उन्हें खराब कर देते हैं। |
(ग) किन्हीं दो जीवाणु जनित रोगों के लक्षण, कारण, उपचार, बचाव के उपाय लिखिए।
उत्तर- यहाँ दो प्रमुख जीवाणु जनित रोगों (बैक्टीरिया से होने वाले रोग) के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय संक्षेप में दिए गए हैं।
🦠 1. टाइफाइड (Typhoid Fever)
| पहलू | विवरण |
| कारण | यह रोग सालमोनेला टाइफी ({Salmonella Typhi} नामक जीवाणु से होता है। यह दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है। |
| लक्षण | तेज़ और लगातार बुखार आना (धीरे-धीरे बढ़ता है)। गंभीर पेट दर्द और पेट पर गुलाबी रंग के धब्बे (रैश)। सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी। दस्त या कब्ज की शिकायत होना। |
| उपचार | डॉक्टर की सलाह पर सही एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स पूरा करना। रोगी को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ (Hydration) की आवश्यकता होती है। |
| बचाव के उपाय | टाइफाइड का टीका (Vaccination) लगवाएँ। पीने के लिए उबला हुआ या फ़िल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें। हमेशा साफ़-सुथरा और गरम भोजन ही खाएँ। शौचालय उपयोग करने के बाद और भोजन से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएँ। |
🦠 2. हैजा (Cholera)
| पहलू | विवरण |
| कारण | यह रोग विब्रियो कॉलेरी {Vibrio Cholerae} नामक जीवाणु से होता है। यह रोग भी मुख्य रूप से दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने से फैलता है। |
| लक्षण | चावल के पानी जैसे गंभीर, पतले दस्त (Diarrhoea)। बार-बार उल्टी होना। शरीर में पानी की अत्यधिक कमी (निर्जलीकरण / Dehydration), जिसके कारण प्यास, मांसपेशियों में ऐंठन और आँखों का धँसना। |
| उपचार | ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स (ORS) का घोल लगातार पिलाना (शरीर में पानी और नमक की कमी पूरी करना सबसे ज़रूरी)। गंभीर मामलों में नसों द्वारा तरल पदार्थ (IV Fluids) देना। डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक दवाएँ दी जा सकती हैं। |
| बचाव के उपाय | स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल ही पीएँ। भोजन को हमेशा ढक कर रखें और उसे अच्छी तरह पकाएँ। शौचालयों के उपयोग के बाद और खाना बनाने/खाने से पहले हाथों को साबुन से धोएँ। भीड़-भाड़ वाले और अस्वच्छ स्थानों पर खाने से बचें। |
(घ) संचारी तथा असंचारी रोग से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
संचारी तथा असंचारी रोग
रोगों को फैलने के तरीके के आधार पर दो मुख्य भागों में बाँटा जाता है:
1. संचारी रोग (Communicable Diseases) 🦠
- परिभाषा: वे सभी रोग जो सूक्ष्म जीवों (जैसे जीवाणु, विषाणु, आदि) के कारण होते हैं और छुआछूत या संपर्क के माध्यम से एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति तक फैलते हैं, संचारी रोग कहलाते हैं।
- उदाहरण: हैजा (Cholera), चेचक (Smallpox), तपेदिक/टीबी (Tuberculosis) आदि।
2. असंचारी रोग (Non-communicable Diseases) 🩺
- परिभाषा: ये वे रोग होते हैं जो शरीर में किसी कमी, खराबी या जीवनशैली की समस्या के कारण उत्पन्न होते हैं। ये रोग छुआछूत से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते हैं।
- उदाहरण: उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), कैंसर (Cancer), मधुमेह/डायबिटीज (Diabetes), एलर्जी (Allergies) आदि।
(ङ) निःसंक्रमण क्या है ?
उत्तर-
निःसंक्रमण (Disinfection) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा हानिकारक सूक्ष्मजीवों (जैसे जीवाणु, विषाणु और कवक) को नष्ट या निष्क्रिय किया जाता है।
(च) परिरक्षण विधियों के बारे में लिखिए।
उत्तर-
🍎 खाद्य परिरक्षण की विधियाँ
परिरक्षण (Preservation) वह प्रक्रिया है जिससे भोजन को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए वातावरण में मौजूद सूक्ष्मजीवों के संक्रमण से बचाया जाता है। इसके लिए कई विधियाँ प्रचलित हैं:
1. सुखाना (Drying/Dehydration) ☀️
- यह सबसे पुरानी और लोकप्रिय विधि है।
- कैसे काम करती है: भोज्य पदार्थों को सूर्य की धूप में या मशीनों द्वारा सुखाया जाता है। इस प्रक्रिया से भोजन में उपस्थित पानी (जल) की मात्रा वाष्प बनकर उड़ जाती है।
- लाभ: पानी की कमी से सूक्ष्म जीवों (जीवाणु, कवक) को पनपने और बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता है, जिससे भोजन सुरक्षित रहता है।
- उदाहरण: अनाज, दालें, मेवे, कुछ सब्ज़ियाँ (मेथी, पालक) और मछली को सुखाना।
2. उबालना (Boiling) 🔥
- कैसे काम करती है: भोज्य पदार्थों (विशेषकर तरल या अर्ध-तरल) को उच्च तापमान पर उबाला जाता है।
- लाभ: उच्च तापमान सूक्ष्म जीवों को मार देता है।
- उदाहरण: दूध को उबालना, फलों का रस उबालकर संरक्षित करना।
3. ठंडा करना (Cooling/Refrigeration) ❄️
- कैसे काम करती है: भोजन को कम तापमान (जैसे रेफ्रिजरेटर या फ्रीजर) पर रखा जाता है।
- लाभ: कम तापमान सूक्ष्म जीवों की वृद्धि दर को धीमा कर देता है, जिससे भोजन लंबे समय तक ख़राब नहीं होता।
- उदाहरण: पके हुए भोजन, फल, सब्ज़ियाँ और डेयरी उत्पादों को रेफ्रिजरेटर में रखना।
💡 अन्य प्रचलित विधियाँ (Brief Supplementary Methods)
- रासायनिक परिरक्षण: नमक, तेल, सिरका (Vinegar) या चीनी का उपयोग करना (जैसे अचार, जैम बनाना)।
- पाश्चुरीकरण: दूध जैसे तरल पदार्थों को एक निश्चित तापमान तक गर्म करके तुरंत ठंडा करना (सूक्ष्म जीवों को मारने के लिए)।
- कैनिंग (डिब्बाबंदी): भोजन को सीलबंद डिब्बों में पैक करके गर्म करना, जिससे अंदर कोई सूक्ष्मजीव न रह जाए।
(छ) महामारी किसे कहते हैं ?
आपके प्रश्न का उत्तर संक्षेप में इस प्रकार है:
😷 महामारी (Epidemic/Pandemic)
महामारी एक ऐसी स्थिति है जब कोई संक्रामक रोग (Infectious Disease) असामान्य रूप से तेज़ी से फैलता है और एक ही समय में बड़े भौगोलिक क्षेत्र (जैसे कोई शहर, राज्य, देश या पूरी दुनिया) में बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करता है।
सरल शब्दों में:
जब कोई बीमारी सामान्य से अधिक लोगों में, बहुत कम समय में, और व्यापक क्षेत्र में फैल जाती है, तो उसे महामारी कहते हैं।
- यदि यह बीमारी पूरी दुनिया में फैल जाती है और लगभग हर देश को प्रभावित करती है, तो इसे विश्वव्यापी महामारी या पैंडेमिक (Pandemic) कहा जाता है (जैसे COVID-19 या 1918 का स्पेनिश फ्लू)।
6. चिकनगुनिया होने के कारण एवं बचाव के बारे मे लिखिए ।
चिकनगुनिया एक वायरल रोग है। यह मच्छर के काटने से फैलता है और इसके कारण तेज़ बुखार और जोड़ों में दर्द होता है।
🦠 चिकनगुनिया के कारण
चिकनगुनिया रोग चिकनगुनिया वायरस (Chikungunya Virus – CHIK V) के कारण होता है।
- वाहक: यह वायरस मुख्य रूप से एडीस एजिप्टी (Aedes aegypti) और एडीस एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) नामक संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
- फैलने का समय: ये मच्छर अक्सर दिन के समय काटते हैं और स्थिर पानी में प्रजनन करते हैं।
🛡️ चिकनगुनिया से बचाव के उपाय
चूंकि चिकनगुनिया का कोई विशिष्ट उपचार या टीका अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए मच्छरों के काटने से बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है:
- मच्छर नियंत्रण:
- अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, क्योंकि मच्छर इसी में अंडे देते हैं। कूलर, गमले और पुराने टायरों को नियमित रूप से खाली और साफ़ करें।
- पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें।
- व्यक्तिगत सुरक्षा:
- मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी (Mosquito Net) का प्रयोग करें।
- त्वचा के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या लोशन (Repellent) लगाएँ।
- खिड़कियों और दरवाजों पर जाली (Screens) लगवाएँ।
7. कोविड – 19 के लक्षण व बचाव के उपाय लिखिए ।
उत्तर-
कोविड-19 (COVID-19) एक विषाणु जनित रोग है, जो नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से होता है।
इसके लक्षण और बचाव के उपाय संक्षेप में निम्नलिखित हैं:
🦠 कोविड-19 के लक्षण (Symptoms)
कोविड-19 के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं और ये वायरस के संपर्क में आने के 2 से 14 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
1. सामान्य लक्षण
- बुखार या ठंड लगना।
- सूखी खांसी।
- थकान और कमजोरी।
- स्वाद या गंध का पता न चलना (Taste or Smell Loss)।
- सिरदर्द।
- दस्त (Diarrhoea) या उल्टी।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- त्वचा पर चकत्ते (Rashes) पड़ना।
- गले में खराश या नाक बहना।
🛡️ कोविड-19 से बचाव के उपाय (Prevention)
कोविड-19 के प्रसार को रोकने और संक्रमित होने से बचने के लिए ये उपाय अपनाए जाने चाहिए:
- स्वच्छता बनाए रखें:
- अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक नियमित रूप से धोएँ, खासकर खाँसने या छींकने के बाद।
- अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।
- बिना धोए अपने आँख, नाक और मुँह को छूने से बचें।
- मास्क का उपयोग और दूरी:
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क ठीक से पहनें।
- दूसरों से शारीरिक दूरी (Social Distancing) बनाए रखें (कम से कम 6 फीट की दूरी)।
- खाँसी शिष्टाचार:
- खाँसते या छींकते समय अपनी नाक और मुँह को कोहनी या रुमाल से ढकें।
- टीकाकरण:
- सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, कोविड-19 का टीका (Vaccine) अवश्य लगवाएँ और बूस्टर डोज़ लें।
- संगरोध (Quarantine):
- यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, या आपको संक्रमण का संदेह है, तो तुरंत खुद को अलग (Isolate) कर लें और जाँच कराएँ।
- जितना हो सके घर पर ही रहें और यात्रा से बचें।
8. विषाणु जनित तथा जीवाणु जनित रोगों की सूची बनाईए ।
उत्तर-
🦠 विषाणु जनित रोग (Viral Diseases)
ये रोग वायरस (विषाणु) के कारण होते हैं:
- कोविड-19 (COVID-19)
- इन्फ्लूएंजा (फ्लू)
- सामान्य जुकाम (Common Cold)
- डेंगू (Dengue)
- चिकनगुनिया (Chikungunya)
- खसरा (Measles)
- पोलियो (Polio)
- चेचक (Smallpox)
- रेबीज (Rabies)
- एड्स (AIDS – HIV वायरस के कारण)
- पीलिया (Hepatitis A, B, C, आदि)
- गलसुआ (Mumps)
- चिकन पॉक्स (Chicken Pox)
🧪 जीवाणु जनित रोग (Bacterial Diseases)
ये रोग बैक्टीरिया (जीवाणु) के कारण होते हैं:
- हैजा (Cholera)
- टाइफाइड (Typhoid Fever)
- तपेदिक या क्षय रोग (Tuberculosis – TB)
- निमोनिया (Pneumonia – कई बार जीवाणु के कारण)
- टिटनेस (Tetanus)
- कुष्ठ रोग (Leprosy)
- काली खांसी (Whooping Cough / Pertussis)
- प्लेग (Plague)
- डिप्थीरिया (Diphtheria)
- फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning – अक्सर साल्मोनेला जैसे जीवाणु के कारण)
- सिफलिस और गोनोरिया (Syphilis and Gonorrhea – यौन संचारित रोग)
प्रोजेक्ट कार्य–
नोट –प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करेंगे
प्रश्नोत्तरी [ quiz ]
इकाई 13 – भोजन, स्वास्थ्य व रोग
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प्रश्नोत्तरी अभी तैयार की जा रही है जल्द ही आपके लिए प्रस्तुत की जाएगी
